युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के 65वें जन्मोत्सव, 17वें पट्टोत्सव एवं 53वें दीक्षा दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम

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कोयंबतूर

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के 65वें जन्मोत्सव, 17वें पट्टोत्सव एवं 53वें दीक्षा दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम

तेरापंथ भवन में तेरापंथ संघ के 11वें अधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी का 17 वां पट्टोत्सव व 65 वे जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी आस्थाश्री जी ने स्व रचित गीत द्वारा किया गया। सभा अध्यक्ष देवीचंद मंडोत ने गुरुदेव के प्रति अपनी भावना व मंगलकामनाएं व्यक्त की। तेरापंथ महिला मंडल द्वारा सुमधुर गीतिका के साथ ज्ञानशाला के बच्चों ने तेरापंथ का परचम लहराते हुए अच्छी प्रस्तुति दी। साध्वी आस्था प्रभाजी ने योगक्षेम वर्ष में, इस भरत क्षेत्र के सीमंधर स्वामी- आचार्य महाश्रमणजी के दर्शन करने की प्रेरणा दी। वह मिनिमम और मैक्सिमम के मैजिक के विषय में वक्तव्य प्रस्तुत किया। साध्वीवृंद के संगान से भवन गूंज उठा। साध्वी सिद्धप्रभा जी ने आचार्य श्री महाश्रमण जी के जीवनी के अनेक प्रसंग व पहलुओं का सुंदर चित्रण शब्दों द्वारा प्रस्तुत किया। तपस्वी बहनों व तत्व विज्ञ बहनों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी दीक्षा प्रभाजी ने किया।