नंदनवन गण मंगलकारी प्रभु तेरी महिमा है न्यारी

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समणी मृदु प्रज्ञा

नंदनवन गण मंगलकारी प्रभु तेरी महिमा है न्यारी

नंदनवन गण मंगलकारी प्रभु तेरी महिमा है न्यारी
ॐ शरणम गुरुवर शरणम्, महाश्रमण जय तव शरणम
निर्मल शीतल तेरा साया पावन चरणों में शीश नवाया
अयोध्या जैसा समवशरण संघ अधिनायक अभिनंदन
आगम प्रवचन कथा सुखदायी नैया सबकी पार लगाली
जिनवाणी अमृतरस तीर्थकरों का करें हम ध्यान
श्री सुखमंगल पाठ आशीर्वर जनकल्याण करवाते गुरुवर
चरण स्पर्श करवाते गुरुवर
त्याग तपस्या प्रत्याख्यान, गुरु दर्शन ही चारों धाम
लय : मंगल भवन