अनुशासन और वात्सल्य का संगम

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नई दिल्ली।

अनुशासन और वात्सल्य का संगम

तेरापंथ धर्म संघ की आठवीं साध्वी प्रमुखा श्री कनक प्रभा जी के समाधि स्थल वात्सल्य पीठ का आज अध्यात्म साधना केंद्र तेरापंथ भवन परिसर दिल्ली में लोकार्पण हुआ। जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा दिल्ली के तत्वावधान में निर्मित इस समाधि के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, हरियाणा से विधायक सावित्री जिंदल,स्थानीय विधायक कंवरलाल तंवर एवं अन्य लोक उपस्थित थे।लोकार्पण से पूर्व शासन श्री मुनि विमल कुमार जी, बहुश्रुत मुनि उदित कुमार जी, मुनि अभिजीत कुमार जी ने मंगल पाठ सुनाया। लोकार्पण के बाद महाप्रज्ञ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुनि उदित कुमार जी ने साध्वीप्रमुखा श्री का गुणानुवाद करते हुए कहा-साध्वीप्रमुखा श्री कनक प्रभा जी का जीवन गुरुनिष्ठा और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण था।
उन्होंने आधी सदी तक शासन की सेवा कर यह सिद्ध किया कि गुरु-आज्ञा ही जीवन का सर्वोच्च शिखर है।उन्होंने केवल नेतृत्व ही नहीं किया, बल्कि वात्सल्य से सबके हृदय को अप्लावित कर दिया। मुनि विमल कुमार जी ने कहा कि साध्वीप्रमुखा श्री का अनुशासन कठोर नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने वाला आलोक था। कार्यक्रम में जैन श्वेतांबर तेरापंथ महासभा के अध्यक्ष महेंद्र नाहटा, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष सुमन नाहटा, आचार्य महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति दिल्ली के अध्यक्ष कन्हैलाल पटवारी, जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा दिल्ली के अध्यक्ष सुखराज सेठिया, भवन व्यवस्थापक सुशील कोहाड़ आदि वक्ताओं ने साध्वीप्रमुखाश्री के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि समर्पित की।