कौटिल्य 3.0–“ह्यूमन इंटेलिजेंस इन द एरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” का सफल आयोजन

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बैंगलोर।

कौटिल्य 3.0–“ह्यूमन इंटेलिजेंस इन द एरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” का सफल आयोजन

तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, बेंगलुरु सेंट्रल द्वारा “कौटिल्य 3.0 – ह्यूमन इंटेलिजेंस इन द एरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर एक विशेष एआई कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया। यह एक पूर्ण-दिवसीय एआई समिट था, जिसमें 250 से अधिक प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और एंटरप्रेन्योर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत अशोक सुराणा एवं टीम द्वारा मंगलाचरण से हुई, स्वागत भाषण वर्षा जैन, मंत्री टीपीएफ बेंगलुरु सेंट्रल द्वारा दिया गया, इसके पश्चात अध्यक्ष पुष्पराज चोपड़ा ने सभी उपस्थितजनों का स्वागत किया, माननीय वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा इस सत्र की महत्ता पर प्रकाश डाला कि यह कार्यक्रम किस प्रकार “ह्यूमन इंटेलिजेंस इन द एरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” को समझने में सहायक होगा। इसके बाद टीपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिम्मत मांडोत ने संगठन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी, जिसके पश्चात राष्ट्रीय महामंत्री मनीष कोठारी एवं साउथ ज़ोन अध्यक्ष विक्रम कोठारी ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत नेटवर्किंग सेशन से हुई, जिसके बाद प्रथम सत्र आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य साध्वी पवनप्रभा जी (ठाना-4) की पावन उपस्थिति में आयोजित हुआ, जिसमें उन्होंने 'अध्यात्मिक इंटेलिजेंस वर्सेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' के संदर्भ में आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला। दूसरे सत्र में मुख्य वक्ता राहुल बोथरा, सीएफओ – स्विगी ने 'व्हाट यू नो दैट एआई डज़ नॉट' विषय पर अपने विचार साझा किए, जिसमें उन्होंने आत्मविश्वास और मानव बुद्धिमत्ता की प्रासंगिकता पर जोर दिया। तीसरे सत्र में सौरभ बोथरा, को-फाउंडर – हाबिल्ड ने “हैबिट बिल्डिंग” के महत्व पर प्रकाश डाला। यह सत्र अत्यंत रोचक और इंटरैक्टिव रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने योगाभ्यास भी किया और अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। चौथा सत्र चेतन बरलोटा द्वारा एक प्रैक्टिकल वर्कशॉप के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने विभिन्न उपयोगों के लिए अपना एआई असिस्टेंट बनाने का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। पांचवां सत्र आनंद लुनिया, फाउंडर पार्टनर – इंडिया कोटिएंट द्वारा “एआई – डिनायल मोड” विषय पर आधारित था, जिसमें उन्होंने नई तकनीकों के प्रति मानव की प्रारंभिक अस्वीकृति और भविष्य में एआई की भूमिका पर चर्चा की। अंतिम सत्र एक पैनल डिस्कशन के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें पैनलिस्ट के रूप में निलेश डुंगरवाल (को-फाउंडर – वर्कइंडिया अजय अग्रवाल (को-फाउंडर – राम्प.एआई) एवं विकास जैन (को-फाउंडर – मल्टिप्ल) उपस्थित थे। इस सत्र का संचालन राहुल डागा, वीपी टीपीएफ बेंगलुरु सेंट्रल द्वारा किया गया। “ह्यूमन इंटेलिजेंस इन द एरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” की प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श हुआ और श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। कार्यक्रम का समापन एक हल्के-फुल्के अंदाज़ में कॉमेडियन दीपक शर्मा के स्टैंडअप कॉमेडी सेशन के साथ हुआ, जिसके पश्चात लकी ड्रॉ आयोजित किया गया। नए टीपीएफ फेलो सदस्य राहुल डागा, स्वर्णमाला पोखरणा का सम्मान किया गया।