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नमस्कार महामंत्र कार्यशाला का आयोजन
आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी सोमयशाजी ठाणा -3 के सानिध्य में तिरुणावले मे नमस्कार महामंत्र कार्यशाला का आयोजन हुआ। साध्वीश्री जी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा नमस्कार महामन्त्र जैन शासन की प्रतिष्ठा है इस मन्त्र में अपनी कुछ मौलिक विशेषताएं है। आगम की भाषा में 14 पूर्वी का सार कहकर अभिनन्दित किया गया है विश्व की संपूर्ण आध्यात्मिक ज्ञानराशि जिनमें संग्रहीत है। इस प्रकार हमने जाना कि यह महामन्त्र हमारा परम उपकारी सिद्धि दाता है अन्य मंत्रों में जहां एक विशिष्ट शक्ति होती है वहा इस महामन्त्र में चारो विशिष्ट शक्तियां है।
देवाकर्षण शक्ति २-कर्म विकर्षण 2. लक्ष्मी आह्वान शक्ति -2 रोग निवारण शक्ति महामंत्र जिससे प्राप्त होता है विराट संकट निवारण - शक्ति, लक्ष्मी आहवान शक्ति देवाकार्षण तथा कर्म-निर्जरा की शक्ति समाहित है। साध्वी ऋषिप्रभाजी ने कहा नमस्कार महामंत्र बंद रास्ते को खोलने की चाबी है और मंत्र का जाप व्यक्ति की संसार से विमुख नहीं करके संसार के प्रति, संसार के कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। डॉ. साध्वी सरलयशाजी ने कहा नमस्कार महामंत्र के रंग, केंद्र, गुणों के साथ कैसे जप करना चाहिए विस्तार से समझाया। इस कार्यशाला में सभी समुदाय के भाई बहनो भाग लिया। बड़े उत्साह के साथ सवा लाख जप करने का संकल्प लिया।