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'लाइफ सेट है या अपसेट' कार्यशाला का आयोजन
हैदराबाद की हाई टेक सिटी में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि दीप कुमारजी ठाणा- 2 के सान्निध्य में लाइफ सेट है या अपसेट' विषयक रविवारीय प्रवचन का आयोजन - तेरापंथी सभा- सिंकदराबाद द्वारा किया गया। मुनि दीप कुमारजी ने कहा- आज दुनिया को स्मार्ट जनता नहीं पीसफूल जनता चाहिए। आज दुनिया को रिच माइन्ड जनता नही, प्योर हार्ट चाहिए इसलिए लाइफ को केवल सेट ही नहीं बल्कि परफेक्ट बनाइए । आज का इंसान अपसेट क्यों हैं? क्योंकि उसने जिन्दगी को बाहर से सजाया लेकिन अन्दर से नहीं। बॉडी फिट है लेकिन माइन्ड गर्म है। पर्स फूल है लेकिन दिल खाली है। अध्यात्म से ही व्यक्ति की लाइफ सेट बन सकती है और कहीं घूम लो और तो भले हिल स्टेशन जाओ या विदेश जो जिंदगी में शांति नहीं मिलेगी । अध्यात्म का मतलब भागना नहीं हैं, स्वयं को पहचानना है, मौन में उतरना है, खुद से जुड़ना है। जिस दिन इंसान खुद को समझ लेता उसी दिन से जीवन बदलना शुरू हो जाता है । मुनि श्री ने 'लाइव सेट' करने के सूत्रों की भी चर्चा की। इस अवसर पर मुनि काव्य कुमार जी ने कहा- चेहरे पर स्टाइल है,हाथ में महंगा मोबाइल है, सोशल मीडिया पोस्ट की फोटो पर बढ़िया स्माइल है लेकिन भीतर से व्यक्ति निराशा है हताश है टूटा हुआ है । लाइफ को केवल सेट ही नहीं करना है लाइफ को बेस्ट बनाना है। सरिता जैन ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी।