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अणुव्रत, जीवन विज्ञान के माध्यम से बनती नैतिक, चारित्रिक स्वस्थ जीवन शैली
आर्य समाज फाउंडेशन, चेन्नई द्वारा डी.ए.वी. स्कूल, गोपालपुरम में आयोजित साप्ताहिक रविवार सत्संग कार्यक्रम में अणुव्रत समिति, चेन्नई ने सहभागिता निभाते हुए अणुव्रत एवं जीवन विज्ञान विषयक प्रभावी प्रस्तुति दी। अणुव्रत समिति की अध्यक्षा सुभद्रा लुणावत ने अणुव्रत आंदोलन की जानकारी देते हुए समिति को कार्यक्रम में आमंत्रित कर अपनी प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान करने के लिए आर्य समाज फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति के उपाध्यक्ष डॉ. दिलीप धींग ने अपनी व्यंग्यात्मक कविता 'सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को' का प्रभावशाली पाठ कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जीवन विज्ञान प्रशिक्षक राकेश खांटेड ने जीवन विज्ञान (साइंस ऑफ लिविंग), योग एवं ध्वनि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बचपन से नियमित योग, महाप्राण ध्वनि एवं ॐ के अभ्यास से शरीर और मन को स्वस्थ, प्रसन्न एवं ऊर्जावान रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह जीवनशैली अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से बचाव में सहायक बनती है तथा बिना किसी दुष्प्रभाव के व्यक्ति को सक्रिय और सकारात्मक बनाए रखती है। कार्यक्रम का मंगलाचरण अणुव्रत समिति के सदस्यों द्वारा अणुव्रत गीत के माध्यम से किया गया। समिति के परामर्शक गौतमचंद सेठिया ने अणुव्रत आचार संहिता के ग्यारह नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि अणुव्रत एक असांप्रदायिक नैतिक आंदोलन है, जो व्यक्ति के नैतिक जागरण, चरित्र निर्माण एवं अहिंसक चेतनायुक्त जीवनशैली के विकास पर बल देता है। स्कूल कमेटी मंत्री आचार्य विकास आर्य ने अणुव्रत एवं जीवन विज्ञान के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी संयुक्त रूप से विभिन्न जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की। संयुक्त कार्यक्रम सुत्रधार श्रद्धा अर्गल ने संचालन किया।