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दाम्पत्य कार्यशाला का आयोजन
तिरुवन्नामलाई। कार्यक्रम की मंगल शुरुआत महिलामण्डल के मंगलाचरण से हुई। साध्वी श्री जी ने कहा हमारी दुनिया रिश्तो की दुनिया है, हर व्यक्ति डोर से बंधा हुआ है माता-पिता भाई -बहिन उसमें एक महत्त्वपूर्ण रिश्ता दम्पति का जो परिवार में सुख शांति वैभव का काम करता है। यह रिश्ता विवाह से जुड़ता है। वि - विश्वास वा -वादा ह - हाथ मिलाये साथ निभाए, अंगुलियां रिश्तों का रक्षा कवच है! डॉ. साध्वी सरलयशा जी ने टोक शो के माध्यम से अपने विचार रखे सबमें नई खुशहाली भर दी।साध्वी ऋषि प्रभाजी ने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए दाम्पत्य जीवन खुशहाल बनाने के टिप्स बतायें विवेक सेठिया, जितेन्द्रर ने आभार ज्ञापन किया। तिरुणावले के सभी-भाई-बहनो ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। 25 बोल की रोचक प्रतियोगिता करवाई ज्ञान, दर्शन, चरित्र , तप , मोक्ष पांच टीमें करवाई गई बडे उत्साह के साथ सभी ने भाग लिया। भिक्षु को जानो पहचानो प्रश्न मंच का आयोजन विभिन्न राउण्ड से माध्यम से करवाई गई। लोगस्स कल्प अनुष्ठान का आयोजन हुआ साध्वी श्री जी में कहा लोगस्स को कलयुग का कल्पवृक्ष कहा जाता है।