विश्व पर्यावरण दिवस जागरुकता अभियान पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

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विश्व पर्यावरण दिवस जागरुकता अभियान पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

अणुव्रत समिति (घाटकोपर क्षेत्र) के तत्त्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस उल्लासपूर्वक मनाया गया। अणुव्रत अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी निर्वाणश्रीजी ने इस अवसर पर कहा - जैन तीर्थकरों एवं आचार्यों ने मानव जाति को पर्यावरण को संरक्षित करने की प्रेरणा दी। इसके लिए उन्होंने संगम का शंखनाद किया। मानव का अस्तित्व प्रकृति के अस्तित्व के साथ जुड़ा हुआ है। यदि मनुष्य प्रकृति का अंधाधुंध दोहन करता है तो वह अपनी भावी पीढ़ी के साथ न्याय नहीं करता है। इस अवसर पर प्रबुद्ध साध्वी योगक्षेमप्रभा जी ने कहा- भगवान महावीर ने ढाई हजार वर्ष पहले पृथ्वी, पानी आदि तत्वों के सजीव होने की उद्‌घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो इन सबके अस्तित्व का निषेध करता है वह अपने स्वयं के अस्तित्व का निषेध करता है।
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पृथ्वी पानी, वनस्पति आदि सुरक्षा जरूरी है। कार्यक्रम के प्रारंभ में अणुव्रत समिति के श्रवण चौरडिया ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम की समायोजना में मुंबई अणुवत समिति के सहमंत्री राकेश बडाला, राजेश कुमट आदि की सक्रिय सहभागिता रही। मुंबई सभा से सुरेश राठौड ने शुभकामनाएं दी।