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व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन
साध्वी अणिमाश्रीजी के सान्निध्य में तेयुप उत्तर अहमदाबाद के तत्वावधान में तेरापंथ भवन-मोटेरा के रमणीय हॉल में व्यक्तित्व विकास कार्यशाला 'उड़ान-शिखर की ओर' का भव्य व गरिमामय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में सीपीएस-जोनल ट्रेनर आकाश शाह मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उपस्थित हुए। साध्वी अणिमाश्रीजी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा - इस दुनिया में बहुत से ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो शिखर पर पहुंचने का चिंतन ही नहीं करते। ऐसा व्यक्ति भीड़ में ही पैदा होते हैं, भीड़ में ही रहते हैं एवं भीड़ में ही ज़िन्दगी पूरी कर देते हैं। कुछ व्यक्तियों का स्वभाव कौवे की तरह होता है। कौवा दूसरों की थाली की तरफ ही देखता है एवं भीड़ में ही रहता है। ऐसे व्यक्ति अपनी औकात पहचान ही नहीं पाते। विरले व्यक्ति ही होते हैं, जिनके मानस में उड़ान भरने की भावना जागृत होती है। उड़ान वही भर सकता है, जिसका व्यक्तित्व व्योमस्पर्शी होता है। व्यक्तित्व को सजाने-संवारने में अनेक बिन्दु काम करते हैं। उनमें महत्त्वपूर्ण है - आत्मविश्वास। जिस व्यक्ति का आत्मविश्वास प्रबल होता है, वो शिखर का स्पर्श कर सकता है। जिस व्यक्ति का धैर्य सहचर होता है, वो शिखर की ओर उड़ान भरता है। उड़ान भरना अच्छी बात है किन्तु व्यक्ति संस्कारों व संस्कृति का बेल्ट बांधकर ही उड़ान भरे। संस्कारों के साथ जो व्यक्ति उड़ान भरता है, आगे रहता है, वह व्यक्ति हर स्थान पर मान-सम्मान प्राप्त करता है। अपने व्यक्तित्व को संवारें एवं शिखर की ओर प्रस्थान करें। डॉ. साध्वी सुधाप्रभाजी ने कहा - व्यक्तित्व निर्माण के घटक तत्त्व हैं - खुद को जानें। अपनी योग्यता व क्षमता को पहचाने बिना कोई भी शिखर तक नहीं पहुंच सकता। जिसकी सोच बड़ी व सकारात्मक है, वही व्यक्तित्व को संवार सकता है। पुरुषार्थ व समय प्रबंधन करने वाले व्यक्ति को शिखर तक पहुंचने में कोई रोक नहीं सकता। साध्वी मैत्री प्रभाजी ने मंच का कुशल व प्रभावी संचालन किया। साध्वी कर्णिकाश्रीजी ने मंगल संगान व साध्वी सम्यक्त्वयशाजी ने विचार रखे। मुख्य वक्ता आकाश शाह ने 5 D की चर्चा करते हुए कहा- ड्रीम (सपने) शिखर तक पहुंचने के लिए डायरेक्शन (दिशा) सही हो। डिसीप्लीन व डेडीकेशन तथा डिटरमिनेशन इन फाइव डी (5 D) का उपयोग करने वाला लक्ष्य तक पहुंच सकता है, उड़ान शिखर की ओर भर सकता है। तेयुप उपाध्यक्ष कुलदीप नोलखा ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी। प्रवीण संकलेचा ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। गायक अरहंत बाफना के साथ तेयुप साथियों ने साध्वी श्रीजी द्वारा रचित 'उड़ान' गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी।