गुरुवाणी/ केन्द्र
आचार्य तुलसी शिक्षा परियोजना रजत जयंती समारोह प्रथम सत्र : “शुभमस्तु मंगलम्”
साध्वीप्रमुखा श्री विश्रुतविभा जी के सान्निध्य में आयोजित “शुभमस्तु मंगलम्” सत्र श्रद्धा, शिक्षा एवं संस्कारों का प्रेरणादायी संगम रहा। प्राकृत मंगलाचरण के साथ शिखरोत्सव कार्यक्रम का आगाज़ अभातेममं अध्यक्ष सुमन नाहटा एवं महामंत्री रचना हिरण ने किया। चीफ ट्रस्टी कनक बरमेचा ने स्वागत वक्तव्य दिया तथा संरक्षिका सायर बैंगानी ने आचार्य तुलसी शिक्षा परियोजना की 25 वर्षीय गौरवगाथा प्रस्तुत की।
“श्रद्धा से शिखर की यात्रा” वीडियो के माध्यम से परियोजना की विकास यात्रा का अवलोकन कराया गया। तत्वज्ञान, तत्वविज्ञ एवं तेरापंथ दर्शन पाठ्यक्रमों को पूर्ण करने वाले १०० से अधिक साध्वियों और श्रमणियों का यह भव्य दीक्षांत समारोह सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। शासन श्री साध्वी जिनप्रभा जी ने परियोजना के इतिहास एवं विकासक्रम पर प्रकाश डालते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य हेतु मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं। वर्षों से इस परियोजना के प्रायोजक रहे सुमति गोठी ने भी अपने प्रेरक व्यक्त किए। अभातेममं ट्रस्टी सोनाली पटावरी द्वारा प्रस्तुत पॉडकास्ट को भी विशेष सराहना प्राप्त हुई।
साध्वीप्रमुखा श्री विश्रुतविभा जी ने तत्वज्ञान के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तत्वज्ञान व्यक्ति के मन में पाप का भय जागृत कर उसे सदाचार की दिशा में अग्रसर करता है। उन्होंने इस आयोजन को “ज्ञान का महायज्ञ” बताते हुए सभी उपस्थित चारित्रात्माओं को साधुवाद प्रदान किया तथा आचार्य तुलसी शिक्षा परियोजना एवं अभातेममं की गतिविधियों के निरंतर विकास हेतु मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं। अभातेममं के पदाधिकारीगण एवं कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की संयोजिका राजुल मणोत ने सत्र का कुशल संचालन किया। यह सत्र सभी सहभागियों के लिए अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायी अनुभव सिद्ध हुआ।