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परिवार प्रबोधन कार्यशाला का सफल आयोजन
साध्वी अणिमाश्री जी के सान्निध्य में तेरापंथ महिला मंडल अहमदाबाद के तत्वावधान में मोटेरा तेरापंथ भवन के मुख्य प्रांगण में परिवार प्रबोधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 'रिश्तों में भरें नई उड़ान' की शानदार प्रस्तुति दी गई है। पूरे अहमदाबाद में अच्छी संख्या में महिलाओं एवं भाईयों की उपस्थिति रही। केसरिया परिधान में पंक्तिबद्ध बैठी महिलाएं परिषद की शोभा बढ़ा रही थीं। साध्वी अणिमाश्री जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा - परिवार रूपी रथ रिश्तों की धुरी पर टिका हुआ है। रिश्ते जितने प्रगाढ़ होंगे, परिवार रूपी रथ उतनी ही तेज गति से दौड़ेगा। आजकल लोग संबंध भी फायदा देखकर बनाने लगे हैं।
पुराने लोग भावुक थे तब वो रिश्तों को संभालते थे। बाद में लोग प्रैक्टिकल हो गए तब वो संबंधों का फायदा उठाने लग गए अब तो लोग प्रोफेशनल हो गए फायदा अगर है तो ही संबंध बनाते हैं। अगर घर-परिवार में यह भावना आ गई तो परिवार विकास की उड़ान नहीं भर पाएगा। रिश्तों में सम्मान की भावना होनी चाहिए। परिवार में अहम रिश्ता माँ-बाप का होता है। माँ-बाप को ऑनलाईन नहीं ऑफलाईन सम्मान दो क्योंकि उन्होंने आपको जन्म दिया है, डाऊनलोड नहीं किया है। रिश्तों में प्रेम, अपनत्व की भावना होनी चाहिए। वाणी में माधुर्य रिश्तों को नई पहचान देता है। सोच, समझ व विवेक की त्रिपदी रिश्तों में नई उड़ान भर सकती है। साध्वी श्री जी ने कहा - सुशीला खतंग के नेतृत्व में महिला मंडल अहमदाबाद अच्छा काम कर रही है। बहनों की भव्य उपस्थिति मंडल की जागरूकता को दर्शा रही है।
साध्वी कर्णिकाश्री जी ने कहा - जिस परिवार में प्रेम को महत्त्व दिया जाता है तो वो परिवार चित्राबेल की तरह बढ़ता है। साध्वी समत्वयशा जी ने गीत का संगान किया। साध्वी डॉ. सुप्रभा जी ने कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी मैत्रीप्रभा जी ने किया। मंगल संगान महिला मंडल की बहनों ने किया। अध्यक्ष सुशीला जी खतंग ने विचार व्यक्त किए। अ.भा.म.मं. की कार्यकारिणी सदस्या वर्षा लुणिया ने विचार रखे। आभार ज्ञापन उपाध्यक्ष सरिता लोढ़ा ने किया। कार्यक्रम में बहनों को सम्मानित किया गया।