'दायित्व बोध संकल्प समारोह' का आयोजन

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'दायित्व बोध संकल्प समारोह' का आयोजन

आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी संयमलताजी के पावन सान्निध्य में KGF तेरापंथ सभा भवन में 'दायित्व बोध संकल्प समारोह' अत्यंत गरिमा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस मंगल अवसर पर नवगठित कार्यसमिति ने विधिपूर्वक शपथ ग्रहण कर संघ सेवा का संकल्प लिया। महासभा के उपाध्यक्ष प्रकाश लोढ़ा ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन कराया। साध्वी संयमलताजी ने अपने प्रेरणास्पद उद्बोधन में कहा कि 'दायित्व बोध केवल पद ग्रहण नहीं, अपितु एक पवित्र साधना है'। पदाधिकारी में अडिग स्थिरता, अटूट धैर्य एवं त्वरित निर्णय क्षमता का समावेश अनिवार्य है। 'कथनी से नहीं, करनी से अपनी पहचान बनानी है'।
सिंहावलोकन की दृष्टि रखते हुए समस्त कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना ही सच्ची नेतृत्व कला है। कार्य कौशल एवं प्रस्तुतीकरण की उत्कृष्टता हर पदाधिकारी का आभूषण होना चाहिए। प्रत्येक कार्यकर्ता के मन में यह जुनून जागृत होना चाहिए कि 'पूर्व से बेहतर, और श्रेष्ठ मैं क्या कर सकता हूँ'। संगठन में छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करना हमारा दायित्व है। हम सभी धर्मसंघ के समर्पित सिपाही हैं, अतः इसके चहुँमुखी विकास हेतु तन-मन से जुट जाएँ। शाखा के प्रभारी नवनीत मूथा ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि साध्वीश्रीजी के सतत मार्गदर्शन से KGF का युवा वर्ग धर्म एवं सेवा के प्रति अत्यंत जागरूक हुआ है। तदुपरांत नव निर्वाचित अध्यक्ष ने अपनी ऊर्जावान कार्यकारिणी की घोषणा की।तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष संदीप बांठिया ने आत्मीय भाव से कहा, 'हमारा हाथ सदैव थामे रखना, संघ सेवा में हमारा हरसंभव सहयोग लेना। सभा मंत्री सुशील बांठिया ने सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। कार्यक्रम का अत्यंत कुशल, ओजस्वी एवं प्रेरणादायी संचालन साध्वी मार्दवश्रीजी द्वारा किया गया।