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बहुश्रुत मुनिश्री का आध्यात्मिक मिलन समारोह
बहुश्रुत मुनि उदित कुमारजी ठाणा-3 भारत देश की राजधानी दिल्ली के अनेक उपनगरीय क्षेत्रों में विहरण करते हुए तेरापंथ भवन, सेक्टर-5, रोहिणी में पधारे। जहाँ श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तेरापंथ भवन में विराजित शासनश्री साध्वी सुमनश्री जी ठाणा-4 के साथ आध्यात्मिक मिलन हुआ। कार्यक्रम का प्रारम्भ नमस्कार महामंत्र के साथ हुआ। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा रोहिणी के सभाध्यक्ष संजीव जैन ने रोहिणी क्षेत्र में मुनिश्री जी का स्वागत करते हुए अपने विचार रखे। साध्वी सुरेखाजी ने पच्चीस वर्ष पूर्व मंत्री मुनि के साथ बम्बई में हुए आध्यात्मिक मिलन की याद दिलाते हुए बताया की श्रमनिष्ठा व्यवहार, कुशलता और विलक्षण कार्य शैली बेजोड़ है। आपका स्वागत करते हुए हम हर्ष विभोर है। साध्वी मधुर लता, साध्वी मनन प्रभा व साध्वी सुरेखाजी ने सुन्दर गीत से मुनि श्री का स्वागत किया। शासनश्री साध्वी सुमनश्री जी ने अपने उद्बोधन के दौरान कहा ऐसे गर्मी के मौसम में मुनि श्री विभिन्न क्षेत्रों की सार सम्भाल करते हुए आप आज हमें घर बैठे दर्शन दिये है। आपकी महानता उदारता और वात्सल्य भाव सबके लिए प्रेरणा है। आपने मंत्री मुनि प्रवर की छत्र छाया में ज्ञान श्रुत और अनुभवों को अपार खजाना सजोया है। बहुश्रुत मुनिश्री जी ने प्रेरक पाथेय देते हुए कहा- हम सभी साधु साध्वियां एक ही परिवार के सदस्य है हमारा धर्म संघ एक है हमारे गुरू एक है वो ही हमारे मालिक हैं हम सब तो उनके चरणों के चाकर है। गुरु दृस्टि हमारे लिए सर्वोपरि है। हम तो स्वयं एसी पुरानी अनुभवी साध्वियों के दर्शन करने आये है। शासन श्री साध्वी सुमनश्री जी की काव्यकला बेजोड़ है। अनेक विषयों पर सुन्दर कविताएं लिखती रहती है। मंत्री मुनि से भी हमने कई बार सुना था। हमारे धर्म संघ की साध्वियां भी हर क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ रही है सुदूर यात्राओं के दौरान सुमनश्री जी ने बहुत संघप्रभावी काम किया। साध्वियों से मिलकर हमें भी आज आनन्द की अनुभूति हो रही है।हम सबका प्रमोद भाव बढ़ता रहे यही काम्य है। रोहिणी सभा के महामंत्री पराग जैन ने मंच का कुशल संचालन किया।