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‘बागबान’ कार्यशाला का सफल आयोजन
अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में यशवंतपुर तेरापंथ महिला मंडल द्वारा 'बागबान' कार्यशाला का सफल आयोजन साध्वी पावनप्रभाजी आदि ठाणा 4 के पावन सान्निध्य में यशवंतपुर सभाभवन में हुआ। साध्वी पावनप्रभाजी ने विषय पर प्रेरणा देते हुए कहा कि वर्तमान समय में परिवार रूपी बाग को स्नेह, संस्कार एवं संवाद के माध्यम से सदैव हरा-भरा रखना आवश्यक है। आगमवाणी में बताया गया कि धर्म कब व कैसे करना चाहिए। उन्होंने समझाया कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए सर्वस्व समर्पित कर देते हैं, इसलिए बच्चों में बचपन से ही धर्म के संस्कारों का बीजारोपण होना चाहिए जिसका सशक्त माध्यम है ज्ञानशाला जहां उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण हो सके। माता-पिता का आचरण ही बच्चों के लिए सर्वोत्तम आदर्श बनता है। परिवार में बड़ों का सम्मान करें, उनकी सेवा के साथ-साथ उन्हें पर्याप्त समय भी दें। परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से साथ बैठकर संवाद करें, जिससे समस्याओं का सहज समाधान प्राप्त हो सके। वही घर स्वर्ग के समान बनता है जहाँ प्रेम, नैतिकता, विनम्रता, परस्पर सम्मान एवं संस्कारों का वातावरण होता है। साध्वी उन्नतयशाजी ने महाप्राण ध्वनि का प्रयोग करवाया, जिससे सभी ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। प्रेरणा गीत का संगान मंडल की बहिनो ने किया। महिला मंडल की अध्यक्ष रेखा पितलिया ने सभी उपस्थित बहनो का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।निवर्तमान अध्यक्ष मीनाक्षी दक ने कार्यशाला के विषय की प्रस्तुति देते हुए कहा कि हमारे बुजुर्ग ऐसे बागबान है जो अपने उत्तरार्द्ध का पूरा जीवन परिवार के पालन-पोषण में लगाते है इसलिए हमें उनके पूर्वार्द्ध को समाधिस्थ बनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित बहनों ने अपनी-अपनी जिज्ञासाओ का साध्वी श्री ने अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली ढंग से समाधान देते हुए प्रेरणा दी कि परिवर्तन संसार का नियम है, इसलिए सबसे पहले स्वयं में परिवर्तन लाएँ। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं आभार ज्ञापन मंत्री टीना पितलिया द्वारा किया गया।