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भिक्षु भक्ति का आयोजन
आचार्य श्री भिक्षु समाधि स्थल संस्थान में मुनि मुनिव्रतजी के सान्निध्य एवं मुनि चैतन्य कुमार 'अमन' के निर्देशन में भिक्षु भक्ति का अयोजन हुआ। भीलवाड़ा से संगायिका अंतिमा दक ने अपने सुमधुर स्वरों में भावपूर्ण भजनों का संगान कर अपने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर मुनि चैतन्य कुमार 'अमन' ने अपने गीतों की प्रस्तुति देते हुए कहा- आचार्य मिक्षु का लक्ष्य था आत्मकल्याण किन्तु इसके साथ ही उन्होंने जन-कल्याण का कार्य भी किया। उन्होंने प्रकाश, सत्य और अमृत की यात्रा की। अपने प्रवचनों के माध्यम से जन मानस को अमृत बांटा। खुद ने अपमानों, तिरस्कारों के जहर की घंटो को निगलते हुए भी सौहार्द स्नेह का अमृत बांटा। अपने आचार विचार संस्कार और व्यवहार से जन-जन के मन को जीत लिया। मुनि अमन ने बताया आचार्य मिक्षु की आगामी आसाड़ शुक्ला त्रयोदशी उनकी जन्म त्रिशताब्दी की सम्पन्नता तथा चतुर्थ शताब्दी प्रारंभ होगी। उनका वह दिन 301 वां जन्म दिन होगा जो कि अतिमहत्वपूर्ण है। सभी का का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम सुचारू रूप से चल रहा है।