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युगप्रधान गणाधिपति आचार्यश्री तुलसी की 30वीं पुण्यतिथि पर विशेष
तेरापंथ महिला मंडल, हैदराबाद के तत्वावधान में तेरापंथ धर्मसंघ के नवम आचार्य, युगद्रष्टा एवं अणुव्रत आंदोलन के प्रणेता आचार्य श्री तुलसी का 30वां महाप्रयाण दिवस 'विसर्जन दिवस' के रूप में श्रद्धासिक्त एवं भावपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि दीप कुमार जी एवं सहवर्ती संत मुनि काव्य कुमार जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। श्रावक समाज को संबोधित करते हुए मुनि दीप कुमार जी ने कहा कि 'आचार्य श्री तुलसी के अवदान आज समाज के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि अणुव्रत आंदोलन, नैतिकता, संयम और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य समाज के लिए प्रकाश स्तंभ हैं। आचार्य तुलसी ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। मुनिश्री ने कहा कि महाप्रयाण के तीन दशक बाद भी उनका व्यक्तित्व और चिंतन आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक और अनुकरणीय है। मुनि काव्य कुमार जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री तुलसी ने धर्म को जीवनोपयोगी बनाकर जन-जन तक पहुँचाया। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आह्वान करते हुए कहा कि 'विसर्जन दिवस' केवल स्मरण का अवसर नहीं है, बल्कि यह उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का दिवस है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः स्मरणीय नमस्कार महामंत्र व प्रभावती जोन की युवतियों द्वारा मंगलाचरण के साथ हुआ। महिला मंडल की अध्यक्ष नमिता सिंघी ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न प्रबुद्धजनों ने भी अपने विचार व्यक्त किए एवं आचार्य श्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। कार्यक्रम में सभाध्यक्ष सुशील संचेती सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल द्वारा भावपूर्ण गीतिका की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन मंडल की मंत्री निशा सेठिया ने कुशलतापूर्वक किया।