चातुर्मास आध्यात्मिक वैभव पाने का स्वर्णिम अवसर

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उत्तर हावड़ा।

चातुर्मास आध्यात्मिक वैभव पाने का स्वर्णिम अवसर

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेश कुमार जी ठाणा-3 का भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हुआ। योगक्षेम रैली के उत्तर हावड़ा पहुंचने पर उमेश रॉय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल सरकार ने संत वृंद का स्वागत किया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेशकुमार जी ने कहा -प्रत्येक देश व समाज के अपने सांस्कृतिक मूल्य होते हैं। संस्कृति एक कालजयी तत्व है। उसके अनेक अंग है। उनमें धर्म का स्थान सर्वोपरि व धर्म जीवन का अंतरंग तत्त्व है। वह अब जीवन के लिए उतना ही अनिवार्य है, जितना हवा और पानी। धर्म की प्रेरणा देने वाले संत होते हैं। आज आचार्य श्री महाश्रमणजी की अनंत कृपा से हमने उतर हावड़ा में सकुशल चातुर्मास मंगल प्रवेश कर लिया है। चातुर्मास आध्यात्मिक वैभव पाने का स्वर्णिम अवसर है। चातुर्मास साधना सिद्धि का द्वार है। चातुर्मास ज्ञान, दर्शन, चारित्र तप की आराधना का पर्व है। चातुर्मास को सफत बनाने में उत्साह, उदारता, आत्मीयता, आराधना व अनुमोदना के सूत्र महत्त्वपूर्ण है। मुनि जिनेश कुमार ने आगे कहा - संतों के आगमन के अवसर पर स्वागत, अभिनंदन किया जा रहा है। यह संतों का नहीं संस्कृति, त्याग, गुरुकृपा व संयम का स्वागत है। संत भारतीय संस्कृति के अनमोल रत्न होते हैं। संत समागम से सत्संस्कार, चेतना का ऊध्र्वारोहण, अंधकार का नाश व चेतना का आलोक प्राप्त होता है। संतों के समागम से समाज में जुड़ाव होता है। बृहत्तर कोलकाता का श्रावक समाज विनीत व श्रद्धालु है। मंगल प्रवेश जैसे अवसरों पर बड़ी संख्या में उपस्थित होता है। सभी साधुवाद के पात्र है। इस अवसर पर मुनि परमानंदजी ने कहा - चातुर्मास की व्यवस्था चातुर्मास का शरीर है मोक्ष मार्ग की आराधना चातुर्मास की आत्मा है। उत्तर हावड़ा चातुर्मास सभी के लिये मंगलमय बनें। मुनि कुणाल कुमार जी ने सुमधुर गीत का संगान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उमेश रॉय (राज्यमंत्री, पश्चिम बंगाल सरकार) ने शहर में संतों के चातुर्मास प्रवास को अपना सौभाग्य बताते हुए जैन समाज के सेवा कार्य की सराहना की। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष संदीप डागा ने दिया। जैन विश्व भारती के न्यासी जतनलाल जी पारख, अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह दुगड, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा- कोलकाता के अध्यक्ष शिखरचंद लुणावत, तेयुप हावड़ा के अध्यक्ष बसंत पटावरी, तेरापंथ महिला मंडल, उत्तर हावड़ा की अध्यक्षा सुजाता दुग्गड, टीपीएफ के अध्यक्ष रितेश दुग्गड, अणुव्रत समिति हावड़ा के अध्यक्ष दीपक नखत ने स्वागत में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन सभा में मंत्री विनीत कोठारी ने किया।