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आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी का 107 वां जन्मदिवस पर विशेष
युगप्रधान आचार्यश्री महाप्रज्ञजी का 107 वां जन्मोत्सव प्रज्ञा दिवस के रूप में मुनि मोहजीतकुमार जी के सान्निध्य में मनाया गया। इस अवसर पर मुनि मोहजीत कुमार जी ने कहा आचार्य महाप्रज्ञ वैश्विक संत परम्परा के कीर्तिधर आचार्य थे। उनका जन्म उदार विचारों, नई सोच, नई दृष्टि, करुणा, सद्भावना, साधना, समाधि का जन्म था। आचार्य महाप्रज्ञ ने दर्शन जगत् के साथ व्यवहार जगत को भी ऊंचाई दी। उन्होंने जन जन को प्रशस्त जीवन जीने का युग बोध दिया। मुनिश्री ने आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा सम सामयिक प्रबोध प्रदान करने वाले संस्मरणों को प्रकट किया। मुनि भव्यकुमारजी ने अपने दीक्षा गुरु 'आचार्य महाप्रज्ञ जी के व्यक्तित्व की अनेक विशेषताओं को स्वानुभूत प्रसंगों के माध्यम से प्रकट किया। मुनि जयेश कुमार जी ने अपने आदर्श आचार्य महाप्रज्ञ जी को अपनी विनयांजलि समर्पित करते हुए कहा कि महाप्रज्ञ का जीवन समर्पण, सतताभ्यास,सामंजस्य सर्वधर्मसद्भाव के गुणों का समवाय है। उनका व्यक्तित्व आज की पीढ़ी के लिये प्रेरणास्रोत बना हुआ है।