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आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी का 107 वां जन्मदिवस पर विशेष
आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी का विश्व शांति संदेश वर्तमान विषम स्थितियों में अधिक प्रासंगिक हो गया है। महाप्रज्ञ ने मिसाइल मैन डॉं. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम से कहा था आज दुनियां को हिंसा और अशांति की नहीं, शांति और अहिंसा की मिसाइल की जरूरत है। ये विचार आचार्यश्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि तत्त्व रुचि 'तरुण' ने आचार्य महाप्रज्ञ जी के 107 वें जन्मोत्सव कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। मुनिश्री जी ने आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी द्वारा सुझाये सफलता के पांच सूत्रों की चर्चा करते हुए कहा- सहनशीलता, विनम्रता, सेवा, श्रमशीलता और संयम जीवन में सफलता दिलाने वाले महत्त्वपूर्ण सूत्र हैं। इस अवसर पर मुनि संभव कुमार जी ने कहा - आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी करुणाशील महापुरुष थे। उन्होंने बताया कि महाप्रज्ञ में विद्वता के साथ विनम्रता का अद्भुत संयोग था। सर्वधर्म सद्भावना कार्यक्रम में तेरापंथ सभा के मंत्री राजकुमार बाफना ने समागत अतिथियों का स्वागत तथा मंदिर कमेटी के सहयोग के प्रति आभार ज्ञापन किया।