आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी का 107 वां जन्मदिवस पर विशेष

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आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी का 107 वां जन्मदिवस पर विशेष

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेशकुमार जी ठाणा-3 के सान्निध्य में युगप्रधान आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी का 107 वाँ जन्म दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेन्द्र राठौड़ ( पूर्व प्रतिपक्ष नेता राजस्थान विधानसभा) थे। महासभा के प्रधान न्यासी सुरेश गोयल, उपाध्यक्ष मांगीलाल बोथरा, कोषाध्यक्ष मदन मरोठी ,ट्रस्टी नगराज बरमेचा आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमार जी ने कहा- आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी जिनशासन के ज्योतिर्धर पुरुष थे। उनका जीवन बहु‌आयामी था। वे प्रवचनकार, साहित्यकार कवि, लेखक थे। वे आगमवेत्ता, विधिवेत्ता, तत्व वेत्ता के सूर्यन हीं महासूर्य थे। वे तेरापंथ धर्मसंघ के वैडुयर्व आचार्यश्री तुलसी के सक्षम पट्टधर थे। उनका जन्म राजस्थान के टमकोर कस्बे में हु‌आ। छोटी आयु में संन्यास लेकर सर्वतोमुखी विकास किया। प्रेक्षाध्यान, जीवन विज्ञान का आयाम देकर तनावग्रस्त लोगों को संजीवनी दी। शिक्षा जगत को नया आयाम देकर विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला सिखाई । मुनि श्री ने आगे कहा- आचार्य महाप्रज्ञ जी का जन्म खुले आकाश में हुआ। उनका चिन्तन भी खुले आकाश की तरह व्यापक था। वे प्रझा पुरुषथे। जैन न्याय के राधाकृष्णन थे, दूसरे विवेकानंद थे। उनकी विनम्रता संकल्पबल, समर्पण कृतज्ञता अपने आप में विशिष्ठ थी। उस महाप्ररुष का जन्म दिवस मनाना अपने आप में गौरव की बात है । महाप्ररुष के द्वारा बताए गये मार्ग पर चले तो जन्म दिवस मनाना और अधिक सार्थक होगा। इस अवसर पर मुनि कुणाल कुमार जी ने सुमधुर गीत का संगान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल, साउथ हाव‌ड़ा के मंगलाचरण से हुआ। स्वागत भाषण साउथ हावड़ा श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष प्रकाश मालू ने दिया। आभार ज्ञापन साउथ हावडा सभा के मंत्री वसंत पटावरी ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुनि परमानंदजी ने किया। अतिथियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर सांवरमल धनानिया आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।