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भव्य रैली के साथ हुआ चातुर्मासिक मंगल प्रवेश
युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी की सुशिष्या 'शासनश्री' साध्वी विद्यावतीजी 'द्वितीय' व सहवर्तीनी साध्वीवृंद का कांदिवली तेरापंथ भवन में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर साध्वी विद्यावती जी ने अपने उद्बोधन में कहा- तेरापंथ धर्मसंघ श्रद्धाशील समाज है।ज्ञान,दर्शन,चारित्र से अपने आप को परीपुर्ण करें तथा त्याग और तपस्या की प्रेरणा दी। साध्वी प्रीयंवदा जी ने कहा- यह संग ही हमारी आन,बान और शान है तथा चातुर्मास संबंधित विशेष सुचनाएं दी। साध्वी प्रेरणाश्रीजी, साध्वी मृदुयशाजी एवं डा. साध्वी ऋद्धियशाजी ने सामुहिक गीतिका 'जागो जागो तुम्हें जगायें' के द्वारा श्रावक समाज से आह्वान किया की त्याग, तपस्या का मार्ग अपना कर चातुर्मास सफल बनाना है। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा मुंबई के अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी ने कहा 'हमें इस चातुर्मास में भरपुर आध्यात्मिक लाभ लेना है और आत्म कल्याण करना है' तथा सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र नाहटा ने अपने वक्तव्य में कहा 'हम सौभाग्यशाली है कि हमें आचार्य श्री महाश्रमण जी जेसे गुरु मिलें, मैं महासभा की ओर से आपका स्वागत करता हूं आप सभी इस चातुर्मास में आध्यात्मिक विकास करें। महासभा राष्ट्रीय महामंत्री विनोद बैद ने कहा 'साध्वी श्रीजी आपका ये चातुर्मास मंगलमय हो श्रावक समाज से आह्वान है की सभी इस चातुर्मास का पुरा लाभ लें।' कांदिवली सभा अध्यक्ष मिठालाल धाकड़ ने अपना वक्तव्य दिया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन तेयुप अध्यक्ष आशीष श्री श्रीमाल ने किया। सभी का आभार ज्ञापन तेयुप कांदिवली मंत्री विमल धाकड़ ने किया।