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साध्वी वृंद का चातुर्मासिक हुआ भव्य मंगल प्रवेश
युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी राकेश कुमारी जी आदि साध्वीवृंद ठाणा-4 का विलेपार्ले स्थित गोयल जी के निवास पर भव्य मंगल प्रवेश हुआ। तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के अध्यक्ष मेघराज धाकड़, मुंबई सभा के अध्यक्ष सुरेंद्र कोठारी, पूर्व अध्यक्ष माणक धींग तथा भारत जैन महामंडल युवा इकाई के अध्यक्ष भूपेश कोठारी ने अपने विचार व्यक्त किए। आयोजित समारोह का शुभारंभ साध्वी राकेश कुमारी जी के नवकार मंत्र से हुआ।तेयुप विलेपार्ले के अध्यक्ष महेंद्र वडाला एवं तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा कुसुम कोठारी ने स्वागत उद्बोधन दिया। टीपीएफ मुंबई वेस्टर्न जोन के अध्यक्ष प्रशांत परमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। साध्वी मलय विभा जी, साध्वी विपुलयशा जी एवं साध्वी चेतस्वीप्रभाजी ने अष्टमंगल के आध्यात्मिक महत्व पर प्रेरक प्रस्तुति देते हुए त्याग एवं तप की भावना को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। अपने प्रेरणास्पद उद्बोधन में साध्वी राकेश कुमारी जी ने कहा कि चातुर्मास आध्यात्मिक खेती का समय है। इस अवधि में आत्मा के विकास हेतु साधना, स्वाध्याय एवं धर्माराधना के माध्यम से आध्यात्म रूपी खेती का सिंचन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विलेपार्ले में इस चातुर्मास के दौरान अध्यात्म की गंगा प्रवाहित होगी, जिसका लाभ लेकर प्रत्येक श्रावक-श्राविका अपने पाप, ताप एवं संताप को दूर कर सकता है। साध्वी श्री जी ने विलेपार्ले को एक छोटे से आध्यात्मिक टापू की संज्ञा देते हुए कहा कि यह क्षेत्र सेवा, जागरूकता एवं धर्मनिष्ठा के लिए सदैव अग्रणी रहा है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं के समर्पण एवं सक्रियता की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस चातुर्मास का अधिकतम आध्यात्मिक लाभ सभी को प्राप्त होगा। साथ ही कार्यक्रम के अंत में मुकेश वडाला ने आभार ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम का कुशल संचालन दीपक डागलिया ने किया।