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चित्त समाधि शिविर: 50+ के लिए एक विशेष उपलब्धि
आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में चल रहे योगक्षेम के अंतर्गत जैन विश्व भारती, द्वारा आयोजित समण संस्कृति संकाय द्वारा संचालित वरिष्ठ श्रावक-श्राविकाओं के लिए 'चित्त समाधि शिविर' का आयोजन किया गया है। आयोजकों यह शिविर विशेष रूप से 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके श्रावक-श्राविकाओं के लिए है। आधुनिक जीवन की भाग-दौड़ के बीच मन को शांति, संयम और समाधि की ओर ले जाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
शिविर की विशेषताएं:
आध्यात्मिक बोध- जैन दर्शन-आचरण, जीवन विज्ञान, आत्म जागरण एवं अनुप्रेक्षा की गहन कक्षाएं योग एवं ध्यान- प्रेक्षा ध्यान व योग के माध्यम से तन-मन की शुद्धि जीवनशैली प्रशिक्ष- खान-पान में संयम, स्वावलंबन, अनुशासन, विवाद रहित जीवन के सूत्र विशेषज्ञ सत्र- उपलब्ध वक्ताओं द्वारा कार्यशालाएं एवं संवाद पूज्य गुरुदेव एवं लगभग 500 संयमी साधु-साध्वियों के दर्शन-सेवा का दुर्लभ अवसर हमें प्राप्त होगा। शिविर 6 दिवसीय आवासीय होगा और सोमवार से शनिवार तक चलेगा। मात्र ₹700 शुल्क में सुबह-शाम का भोजन, चाय-नाश्ता एवं रहने की व्यवस्था रखी गई है। भारत एवं विदेशों से इच्छुक श्रावक-श्राविका समण संस्कृति संकाय की वेबसाइट/लिंक के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आयोजकों ने सभी को इस शिविर का प्रचार-प्रसार किया है कि वे इस योगक्षेम वर्ष का विशेष लाभ लें और गुरुदर्शन व गोचरी सेवा का लाभ अवश्य प्राप्त करें। रजिस्ट्रेशन के लिए समण संस्कृति संकाय, जैन विश्व भारती, लाडनूं में संपर्क करें।