गुंज रहा है गगन धरा, भिक्षु -2 का नाद

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साध्वी संयमलता

गुंज रहा है गगन धरा, भिक्षु -2 का नाद

इस भिक्षु जन्म त्रिसति का पूर्णाहूति दिन आज
'गुंज रहा है गगन धरा, भिक्षु -2 का नाद
प्रेक्षा विश्वभारती कोबा से मंगल शुरुवात हुई
जन्मभूमि कंटालिय महाचरण की अद्‌भुत बात हुई
चन्देरी सभा सुधर्मा मे भव्य समापन आज
भिक्षु के सिद्धान्त और दर्शन का चला प्रशिक्षण खूब
तेरापंथ बने मेरापथ वर्कशोप मे रहस्य गुड
हर तेरस धम्म जागरण, करोडो अरबों का जाप
भाष्यकार भिक्षु के जय ने किया प्रतिष्ठित भिक्षु को
महाप्रज्ञ तुलसी ने उजागर कियां तितिक्षु भिक्षु को
गणिवर श्री महाश्रमण ने किया त्रिशताब्दी आगाज
आज जमाना याद करे भिक्षु जज्बातों को
परवाह नही थी भुख प्यास निद्रा की जगाई रातो को
सरिताचर मे आतापन श्मसानों मे किया वास
भिक्षु तेरा बलिदान इस शासन हित वरदान बना कोटि नमन
श्रद्धा से करे हम चरणों मे है महाश्रमण
सहस्राब्दी मने विभुवर को भक्तों की दिली आवाज
तर्ज : मेरे सर पर रख दो