कोई भी जन्म से बड़ा या छोटा नहीं होता

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गांधीनगर।

कोई भी जन्म से बड़ा या छोटा नहीं होता

श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा, गांधीनगर के तत्वावधान में बैंगलोर ज्ञानशाला ने प्राइड एंड प्रतिभा कार्यक्रम का आयोजन आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी पावनप्रभाजी के सानिध्य में किया। कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी श्री जी द्वारा नवकार मंत्र के मंगल उच्चारण से हुई। मंगलाचरण में प्रशिक्षिकाओं ने गीतिका का संगान किया।साध्वी श्री ने आचार्य महाप्रज्ञजी के वे जन्मदिवस पर जाप का प्रयोग करवाया। साध्वीश्रीजी ने कहा की नत्थू से महाप्रज्ञ तक की ये यात्रा जिसमें महाप्रज्ञजी ने अनेकों ऐसे आयाम संघ को दिए।पूरा समाज गणाधिपति गुरुदेव तुलसी के प्रति नतमस्तक है कि उनकी पहली नजरों से महाप्रज्ञजी का जीवन भी निखरा एवं हम साधु संतों को ही नहीं अपितु श्रावक श्राविकाओं का भी जीवन, भविष्य उज्जवल हुआ । फिर साध्वीश्रीजी ने कहा कि एक बार पूछा गया परिषद से की आपके यहां कोई बड़ा आदमी जनमा है क्या? तो वहां के लोगों ने कहा कि हमारे यहां तो बड़े आदमी नहीं जन्मते, सब बच्चे ही जन्मते है।
कहने का तात्पर्य कोई भी जन्म से बड़ा या छोटा नहीं होता, अपनी कार्य कुशलता से महान बनता है आज के इस अवसर पर बच्चों की सुंदर प्रस्तुति रही।कार्यक्रम में मोटीवेशनल स्पीकर दीपक शिंदे का विशेष सत्र रहा जिसकी सभी ने भूरी भूरी प्रशंसा की। दीपक शिंदे ने कहा कि बच्चों के विकास के लिए उनका संस्कारी होना जरूरी है। जैन धर्म एकमात्र ऐसा धर्म है जिसमें बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए ज्ञानशाला जैसा उपक्रम है। अभिभावकों को बच्चों को ज्ञानशाला भेजना चाहिए। संगायक कमल सेठिया भी कार्यक्रम में उपस्थित हुए और चैत्य पुरुष जग जाये गीतिका का संगान किया। तत्पश्चात बच्चों ने श्लोक,योग, इंस्ट्रूमेंट्स, मेंटल मैथ्स , ब्लाइंड फोल्ड आदि के द्वारा अपना टैलेंट प्रस्तुत किया। सभा अध्यक्ष प्रकाश बाबेल ने स्वागत वक्तव्य दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासभा उपाध्यक्ष प्रकाश लोढ़ा, तेयुप अध्यक्ष विनोद कोठारी आदि उपस्थित रहे।