शपथ ग्रहण एवं व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का संयुक्त आयोजन

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सिकंदराबाद

शपथ ग्रहण एवं व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का संयुक्त आयोजन

सिकंदराबाद के सिख विलेज रोड स्थित श्री आनंद जैन भवन में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य मुनि दीप कुमारजी (ठाणा-2) के पावन सान्निध्य में आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के 107वें जन्मदिवस पर श्रद्धापूर्ण समारोह, 'युवाओं का प्रणाम – आचार्य महाप्रज्ञ के नाम', तेरापंथ युवक परिषद, हैदराबाद के नवगठित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह तथा व्यक्तित्व विकास कार्यशाला 'नई सोच, नई उड़ान' का भव्य आयोजन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
जेन्द्र बोथरा द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ तेयुप की भिक्षु प्रज्ञा मंडली के मंगलाचरण के साथ हुआ। तेरापंथ महिला मंडल द्वारा स्वागत गीतिका प्रस्तुत की गई।
प्रारंभ में आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुनि दीप कुमारजी ने इस अवसर पर कहा कि 'आचार्यश्री महाप्रज्ञजी ज्ञान के उदय कोष थे।' साधारण परिवेश में जन्मे संयम जीवन स्वीकार किया। शिक्षा प्राप्ति की और विनय एवं समर्पण से एक दिन वे असाधारण बन गए। उन्होंने ध्यान की गहरी आराधना की, आगमों का कुशल संपादन किया और भाष्यों का भी निर्माण किया। कितने साहित्य का लेखन किया। उपशम की साधना उनके जीवन का आदर्श थी। शपथ ग्रहण समारोह के संदर्भ में मुनिश्री ने कहा कि आज अनेक युवा अध्यक्ष, मंत्री एवं अन्य दायित्व स्वीकार करेंगे, किंतु सदैव स्मरण रखें कि पद सम्मान नहीं, जिम्मेदारी है।
कुर्सी प्रतिष्ठा नहीं, पुरुषार्थ प्रतिष्ठा देता है। माला सम्मान नहीं देती, सेवा सम्मान देती है। तालियाँ महान नहीं बनातीं, त्याग महान बनाता है। मुनि काव्य कुमारजी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि 'प्रेरणा के महासागर का नाम आचार्य महाप्रज्ञ है। साधारण से असाधारण बनने की अनुपम कहानी हैं आचार्य महाप्रज्ञ।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने कहा कि तेरापंथ युवक परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व विकास एवं समाज सेवा का सशक्त मंच है। उन्होंने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, समय का सदुपयोग करने, आत्मविश्वास विकसित करने तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। व्यक्तित्व विकास कार्यशाला 'नई सोच, नई उड़ान' में उन्होंने संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, समय प्रबंधन एवं आत्ममूल्यांकन जैसे विषयों पर व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया।
निवर्तमान अध्यक्ष राहुल गोलछा ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनोद दूगड़ को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अभातेयुप उपाध्यक्ष अभिनंदन नाहटा, शाखा प्रभारी संदीप मुथा, युवा गौरव अशोक बर्मेचा, जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, सिकंदराबाद के अध्यक्ष सुशील संचेती, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा नमिता सिंघी, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष वीरेंद्र घोषाल तथा अणुव्रत समिति की मंत्री रीटा सुराणा ने अपने शुभकामना संदेश प्रेषित की।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन मंत्री नीरज सुराणा एवं सहमंत्री जिनेन्द्र बैद ने किया। अंत में मंत्री श्री नीरज सुराणा ने मुनिश्री, समस्त अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह श्रद्धा, प्रेरणा, संकल्प एवं संगठनात्मक ऊर्जा का अनुपम संगम बनकर सम्पन्न हुआ।