स्थापना दिवस मनायें, स्वामीजी की वीर वृत्ति को शीश नमायें

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मुनि कमल कुमार

स्थापना दिवस मनायें, स्वामीजी की वीर वृत्ति को शीश नमायें

स्थापना दिवस मनायें।
हो - स्वामीजी की वीर वृत्ति को शीश नमायें।।ध्रु।।
सिंह वृत्ति से जन्म सुहाया, माता ने सबको बतलाया।
हो - सिंह वृत्ति से बढ़े निरंतर पल पल ध्यायें।।१।।
नगर केलवा नींव लगाई, अंधेरी ओरी सुखदाई।
हो - उनके आदर्शों को हम नित स्मृति में लायें।।२।।
मेरुवत वे रहे अविचल, सजग साधना में वे प्रतिपल।
हो - अनगिन कष्ट सहे कैसे उनको गिनवायें।।३।।
आत्म साधना लक्ष्य सुपावन, वर्धमान थे उसमें क्षण-क्षण।
हो - उनकी क्षमता समता को निज हृदय विसमें।।४।।
तेरापंथ पंथ है प्यारा, असहायों का सबल सहारा।
हो - सदाचार विचार प्रगति का मंत्र बतायें।।५।।
आस्थावान सदा सुख पाता, मानव जीवन सफल बनाता।
हो - भक्त शंभुजी खर्पा की बलिहारी जायें।।६।।
याद कर रहे उनको जन जन, प्राणों से भी सुदृढ़ था प्रण।
हो - कमल अमल मन गुरुवर के गुण दिल से गायें।।७।।
तर्ज - राग री रेंस पिछानो