ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने का सौभाग्य

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गांधीनगर, बेंगलुरु।

ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने का सौभाग्य

तेरापंथ के आद्य प्रवर्तक आचार्य भिक्षु के 301वें जन्मोत्सव एवं 269वें बोधि दिवस के उपलक्ष्य में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा, गांधीनगर, बेंगलुरु के तत्वावधान में साध्वी पावनप्रभाजी ठाणा-4 के सान्निध्य में भव्य धम्म जागरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आचार्य भिक्षु के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीवृंद द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायी संगान 'प्रज्ञा के दीप जलेंगे' से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। तेरापंथ सभा के अध्यक्ष प्रकाश बाबेल ने उपस्थित धर्मसभा का स्वागत किया। इसके पश्चात भजन मंडली प्रज्ञा संगीत सुधा, प्रेक्षा संगीत सुधा एवं श्रद्धा संगीत सुधा की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बाल कलाकारों की प्रस्तुतियाँ रहीं। अपने मंगल उद्बोधन में साध्वी पावनप्रभाजी ने कहा कि आज का दिन इसलिए भी ऐतिहासिक और विशेष बन गया है क्योंकि युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी ने मुख्यमुनि महावीर कुमारजी को युवाचार्य के रूप में मनोनीत किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूर रहकर भी इस ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। संचालन ललित सेठिया ने किया। सुभाष पोखरणा ने आभार ज्ञापित किया।