युवाचार्य श्री का जीवन निर्मल गंगा के समान है

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उत्तर मध्य दिल्ली।

युवाचार्य श्री का जीवन निर्मल गंगा के समान है

साध्वी कुन्दनरेखा के सांनिध्य में एवं तेरापंथ सभा उत्तर मध्य दिल्ली के तत्वावधान में 'युवाचार्य वर्धापना समारोह' हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अशोक गोयल भी उपस्थित रहे। साध्वी कुन्दनरेखा जी ने अपने विचारों की प्रस्तुति देते हुए कहा – 'गौरवशाली शासन की गौरवशाली परंपरा को नमन! तेरापंथ का इतिहास अनेकों कीर्तिमानों का समवाय है।
मर्यादा और अनुशासन से सुसज्जित इस धर्मसंघ में एक आचार्य की आज्ञा सर्वोपरि है, वंदनीय है। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अपने उत्तराधिकार की चादर युवाचार्य महावीर को जैसे ही ओढ़ाई, पूरा धर्मसंघ नाच उठा। खुशियों का सैलाब उमड़ने लगा। सचमुच वह मनमोहक दृश्य अविस्मरणीय बन गया। आचार्यप्रवर एवं युवाचार्य प्रवर गुणों के भंडार हैं। आपका संयम, समता, उपशम का भाव अनूठा है। वर्तमान युग में उत्कृष्ट वैराग्य देखकर सब नतमस्तक हैं। यह युगल जोड़ी अमर रहे एवं धर्मसंघ अपने प्रभु के अनुशासन में निरंतर आध्यात्मिक विकास करता रहे, हम यह शुभकामना करते हैं।'
साध्वी सौभाग्ययशा ने कहा – 'युवाचार्य प्रवर का जीवन निर्मल गंगा के समान उज्ज्वल है। युवाचार्य प्रवर की साधना अनूठी है। युवाचार्य प्रवर की विनम्रता और समर्पण बेजोड़ है। उत्कृष्ट वैराग्य, सहिष्णुता एवं गुरुभक्ति अनूठी है। हम सौभाग्यशाली हैं कि आचार्यप्रवर की सूक्ष्म निगाहों ने कोहिनूर हीरे को परखकर संघ का सर्वोच्च बना दिया। गुरुदेव एवं युवाचार्य की जोड़ी हमेशा संघ की सारणा-वारणा करती रहे और हम सभी आज्ञानुसार अपने संयमी जीवन को शुद्ध-शुद्धतम करते रहें।'
साध्वी कल्याणयशा ने कहा – 'महावीर मुनि को मुख्य मुनि और युवाचार्य प्रवर के रूप में देखकर हम आनंदित हैं, पुलकित हैं। यह सब आचार्य प्रवर की दूरदृष्टि और कृपा का प्रसाद है। शत-शत नमन!' कार्यक्रम में तेरापंथ सभा मध्य दिल्ली के कर्मठ अध्यक्ष सुरेन्द्र गोलछा, उत्तर दिल्ली महिला मंडल अध्यक्ष - इन्दिरा सुराणा, महिला मंडल उत्तर दिल्ली की पूर्वाध्यक्ष मधु सेठिया, सभामंत्री - प्रकाश पारख, युवक परिषद ने गीत का संज्ञान किया। विधायक अशोक गोयल 'देवरा' ने आज के दिन अतिरिक्त प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आचार्य प्रवर के चरणों में प्रणाम किया।
संचालन नवीन पींचा ने किया। आभार ज्ञापन - शेखर दुगड़ ने किया।