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मुख्य मुनि से युवाचार्यश्री महावीर तक का सफर
ऐतिहासिक एवं अभिनव निर्णय:
परम पूज्य, महात्यागी, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी अपने अद्वितीय निर्णय लेने के लिए प्रख्यात रहे हैं। आपने अपने शासनकाल में अनेक नवाचार किए हैं। 'मुख्य मुनि' और 'साध्वी वर्या' जैसे नए पदों का सृजन करके आपने तेरापंथ धर्मसंघ को दो अभिनव संस्थाओं का उपहार दिया है।
परंपरा का पुनरुद्धार:
इसके अलावा, आपने अपने दीक्षा गुरु मुनिश्री सुमेरमलजी लाडनूँ को 'मुख्य मुनि' पद पर प्रतिष्ठित करके तेरापंथ धर्मसंघ में इस संस्था को पुनर्जीवित करने का भी कार्य किया।
मुख्य मुनि पद पर मनोनयन:
नेपाल के विराटनगर में पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी ने मुनिश्री महावीर कुमारजी को 'मुख्य मुनि' पद पर प्रतिष्ठित करके भविष्य का संकेत दे दिया था।
युवाचार्य पद पर प्रतिष्ठापन:
विराटनगर से मुख्य मुनि महावीर कुमारजी का प्रारंभ हुआ यह सफर, योगक्षेम वर्ष तथा परम पावन आचार्यश्री भिक्षु की त्रिशताब्दी समारोह की संपन्नता पर युवाचार्य पद पर प्रतिष्ठित करने के साथ पूरा हुआ।
ऐतिहासिक समारोह:
परम पूज्य आचार्य प्रवर ने 26 जुलाई, 2026 ई. को जैन विश्व भारती, लाडनूँ की सुधर्मा सभा में मुनि महावीर कुमारजी को युवाचार्य पद पर प्रतिष्ठित करने के साथ ही अपने पवित्र कर-कमलों से नवनियुक्त महावीर कुमारजी को चादर ओढ़ाकर धन्य कर दिया।
हर्ष की लहर एवं गुणों का आकलन:
पूज्य आचार्य प्रवर के इस युवाचार्य मनोनयन के निर्णय से देश-विदेश के तेरापंथ धर्मसंघ में हर्ष की लहर व्याप्त हो गई। पूज्य आचार्य प्रवर ने अपने शिष्य की श्रद्धा, समर्पण, सादगी, सेवा भावना तथा तेजस्विता के गुणों का आकलन करके यह निर्णय लिया है।
नूतन इतिहास का सृजन:
यह निर्णय अप्रत्याशित नहीं था, लेकिन इतने विशाल साधु-साध्वी समाज की उपस्थिति में ऐसा निर्णय करके आपने शिष्य समुदाय को भी आह्लादित कर दिया तथा एक नव-इतिहास का सृजन किया। इस निर्णय के लिए पूज्य आचार्य प्रवर के प्रति कृतज्ञता तथा नवनियुक्त युवाचार्यश्री के प्रति आदर एवं मंगलकामनाएं।
युवाचार्यप्रवर को हार्दिक बधाई और शुभकामना।
संपूर्ण संघ युवाचार्यप्रवर से यही अपेक्षा करता है कि:
आप पूज्य आचार्य प्रवर के इंगित को ही आदेश मानकर कार्य करें।
आप पूज्य आचार्यप्रवर के सान्निध्य तथा करिश्माई नेतृत्व में अपना सर्वांगीण विकास करते रहें। इसी मंगलकामना के साथ।