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नवमा युवराज पधारया
धन्य हुयो ओ आंगणियो, बरस्त्यो सुख रो सावठिणयो पावन फगल्या री आज म्हें, करा वंदना।
नवमा युवराज पधारया, करां वंदना।।
विद्या विनय विवेक त्रिवेणी स्युं शोभित जीवन उपवन महाश्रमण गुरुगुण सौरम स्यु सुरभित मंगलमय हर क्षण, खुशियां । नव दीप जल्या, सबरा संचित पुण्य फल्या ।।
शासन में वरदान बढ्यो हो, हेमऋषि रो पगफेरो, वर्धमान हो श्रेणी संरख्या, विकसित पुलकित हर चेहरों, तुलसी रो अनुपम अवदान, सदा बढ़ाक गठण री शान।।
प्रोत्साहन अक मिले प्रेरणा, गण रो नाम करो रोशन वत्सलधार नहै भेनी पर, मिले सदा ही अपगोपन कदमों पर बढता जाक, प्रगति शिखर चढतां जा।।