जय ज्योतिचरण जय महाश्रमण निर्णय को करें नमन

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साध्वी राजुलप्रभा

जय ज्योतिचरण जय महाश्रमण निर्णय को करें नमन

जय ज्योतिचरण जय महाश्रमण निर्णय को करें नमन।
नवनिर्वाचित युवराजप्रवर! लो गण का अभिनन्दन, झेलो भक्ति वन्दन॥
संप्रज्ञ शिष्य वरदाई, गुरु ने भूमिका बनाई
मुनि महावीर आओ कह, उज्ज्वल चादर ओढ़ाई
छाई पुलकन अवनी रोशन अम्बर में जय गुंजन॥
जो स्क्रीन पे सीन निहारा, अन्तर मानस मुसकाया
गुरुवर ने हाथ पकड़कर, बैठो पट्ट पर फरमाया
जब करद्वय से सिर सहलाया, हुए मुदित सहस्र-नयन॥
पहले ही उद्बोधन में, बही कृतज्ञता की धारा
गुरु महाश्रमण चरणों में, गुरु तुलसी गीत उचारा
निर्माण किया जिन हाथों ने, उन सबका किया स्मरण॥
संतों सतियों ने बधाया गण गौरव शिखर चढ़ाया
गुरुदृष्टि में सृष्टि है, गण ने सम्मान बढ़ाया
है तेरापंथ अद्भुत अनुपम, साक्षी वो दुर्लभ क्षण॥
लय - आ चल के तुझे