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चातुर्मास का समय धर्म आराधना का विशेष काल
युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य डॉ मुनि पुलकित कुमारजी नचिकेता मुनि आदित्य कुमारजी ठाणा 2 का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश तेरापंथ भवन साहूकारपेट चेन्नई में हुआ। स्वागत अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अजीत चोरडिया एवं अमृतवाणी के अध्यक्ष ललित दूगड़ थे। डॉ मुनि पुलकित कुमार जी ने कहा चातुर्मास का समय धर्म आराधना का विशेष काल है। इसमें ज्ञान, दर्शन, चारित्र एवं तप में ज्यादा से ज्यादा श्रावकों को समय नियोजित करना चाहिए। चातुर्मास को जैन शास्त्रों में वर्षावास अथवा पावस प्रवास भी कहा जाता है। मुनि श्री ने आगे कहा इस वर्ष साहूकारपेट तेरापंथ सभा भवन में सभी श्रद्धालुजनों के लिए चातुर्मासिक धर्मोत्सव 2026 के अंतर्गत ज्ञानोत्सव, संयमोत्सव, चारित्रॊत्सव, जपोत्सव एवं तपोत्सव की आराधना करवाई जाएगी। चातुर्मास मे रात्रि भोजन का त्याग, जमीकंद का त्याग नवकार महामंत्र का एवं सीमांधार स्वामी का जाप करने की मुनिश्री ने प्रेरणा दी। आदित्य मुनि ने गीत प्रस्तुत किया। सभा अध्यक्ष महेंद्र मांडोत ने पधारे हुए सभी महानुभावों का स्वागत अभिनंदन किया। साहूकार ट्रस्ट बोर्ड अध्य्क्ष तनसुखलाल नाहर, मुख्य अतिथि रजत के अध्यक्ष अजित चोरड़िया, तेयुप अध्यक्ष कोमल डागा, अणुव्रत अध्यक्ष सुभद्रा लुणावत आदि ने अपनी भावनाओं रखी।।संचालन मंत्री चन्द्रेश चिप्पड़ ने किया। धन्यवाद संगठन मंत्री प्रवीण समदड़िया ने दिया।। जानकारी सभा के प्रचार प्रसार प्रभारी संतोष सेठिया ने दी।