रचनाएं
युवाचार्य महावीर चयन से जन-जन में खुशहाली
युवाचार्य महावीर चयन से जन-जन में खुशहाली
पुलकित है गणमाटी॥ ध्रुव॥
सवाईचंदजी घर में जन्मे, धरा गगन गुंजाई
माँ भगनी बाई आंगने में नई रोशनी छाई
कोचर परिवार फलसुण्ड का, जिला बना बलशाली॥ १॥
महाप्रज्ञ से दीक्षा लेकर जीवन को चमकाया
महाश्रमण से शिक्षा पाकर नव इतिहास रचाया
विराटनगर में मुख्य मुनि बन आभा नई बनाई॥ २॥
श्रेष्ठ श्रुताराधाना, पी.एच.डी. सबके मन को भाई
किशनगंज में साझपति सुन कली-कली विकसाई
बड़पथार में पदस्थ सुनकर आई भोर रूपाली॥ ३॥
धीर, वीर, गंभीर आप है, विनय समर्पणता भारी
सहज, सरलता, गुणग्राहकत्ता, गुण सारे सुखकारी
निज पौरुष से बढ़े बनी, जनता सारी मतवाली॥ ४॥
बहुश्रुत परिषद के संयोजक, पल-पल आत्म निरीक्षण
गुरु दृष्टि की आराधन से मिलता निर्मल चिंतन
मुनि 'राज' की हृदय कामना, जीवन गौरवशाली॥ ५॥
लय - संयममय जीवन हो...