नवम् युवराज को वंदन

रचनाएं

साध्वी मुक्ता प्रभा

नवम् युवराज को वंदन

नव्य, भव्य, अप्रतिम प्रतिभा को वंदन,
अनुपम, अद्वितीय प्रभा को वंदन।
असाधारण शुभंकर प्रज्ञा को वंदन,
अनुत्तर समत्व भाव को वंदन,
अनुत्तर उपशम भाव को वंदन।।१।।
आपश्री की आगम वाचना शैली को वंदन,
आपकी अप्रमत शैली को वंदन
आपकी गायन शैली को वंदन,
आपकी श्रोतरस शैली को वंदन,
आपकी प्रवचन शैली को वंदन।।२।।
आपकी कर्मठता, कार्यकुशलता को वंदन,
आपकी ऋजुता, मृदुता को वंदन
आपकी पवित्रता, निर्मलता को वंदन,
आपकी सहजता, सौम्यता को वंदन,
आपकी गंभीरता, पापभीरूता को वंदन।।३।।
आपके मनोबल, आत्मिक बल को वंदन,
आपके धृतिबल, संकल्प बल को वंदन।
आपके श्रद्धाबल, आस्थाबल को वंदन,
आपकी साधना, आराधना को वंदन,
आपकी उपासना, पुनीत भावना को वंदन।।४।।