युवाचार्य के मनोनयन पर  जन-जन तुम्हें बधाएं

रचनाएं

नचिकेता मुनि आदित्य कुमार

युवाचार्य के मनोनयन पर जन-जन तुम्हें बधाएं

वंदन अभिनंदन की घड़ियां पुलकित दशों दिशाएं।
युवाचार्य के मनोनयन पर जन-जन तुम्हें बधाएं।
मनहर युवाचार्य महावीर शुभ भविष्य शासन तकदीर।।
स्मित आनन है नयन नम्र है भामंडल में पुलकन,
पिता सवाई-छगनी माता से संस्कारित जीवन।
जन्मभूमि फलसुंड धरा में कैसे खुशी समाए।।१।।
युवाचार्य के मनोनयन श्रेष्ठ श्रुताराधक कहलाए ज्ञानाराधन द्वारा,
दस वर्षों तक मुख्यमुनि रह गुरु को दिया सहारा।
अप्रमत्त संगीत साधना, विकसित है क्षमताएं।।२।।
तुलसी का आशीष मिला बचपन में पाए दर्शन,
महाप्रज्ञ के वरदहस्त से पाया संयम का धन।
महाश्रमण गुरुवर विकास के शिखरों तुम्हें चढ़ाएं।।३।।
लय - मांय न मांय मुंडेर…