राजधानी में युवाराजा रो गण नै सौंप्यो प्रभु उपहार

रचनाएं

साध्वी पावन प्रभा

राजधानी में युवाराजा रो गण नै सौंप्यो प्रभु उपहार

भिक्षु गण बगियां में तेरस दिन बणग्यो मंगल त्यौहार।
भिक्षु जन्म दिवस पर म्हारै खुशियां छाई अपरम्पार॥
गणराजा गुरु महाश्रमणवर युवाचार्य रो करयो चयन।
अद्भुत दृश्य दिखायो म्हाने हर्षित होग्या युगल नयन॥
महावीर मुनि नाम लियो जद गूंज उठ्यो प्रभु रो दरबार॥
विनय समर्पण आज्ञा निष्ठा स्यूं बढ़ग्या आगे-आगे।
महाश्रमण महावीर भिक्षु भारमलसी जोड़ी लागे॥
राजधानी में युवाराजा रो गण नै सौंप्यो प्रभु उपहार॥
फलसूंड गांव रो छोटो बालक महाप्रज्ञ चरणा आयो।
महाश्रमण सन्निधि में मुख्य मुनि बण जन-जन में छायो॥
सौ सौ सूरज आज उदित नन्दनवन बणग्यो गुलजार॥
आस्था रो स्वस्तिक रचावां ल्याया श्रद्धा रो सिन्दूर।
गांधीनगर में रंगरलिया भक्ति है भक्तां में भरपूर॥
बैंगलोर में वर्धापन स्यूं पावन रो मन है मनवार॥