'दायित्व बोध एवं प्रशिक्षण' कार्यशाला का आयोजन

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कांदिवली, मुंबई।

'दायित्व बोध एवं प्रशिक्षण' कार्यशाला का आयोजन

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद (अभातेयुप) द्वारा आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी विद्यावती जी द्वितीय (ठाणा-5) के सान्निध्य में कांदिवली स्थित तेरापंथ भवन में 'दायित्व बोध एवं प्रशिक्षण' कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में युवाओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों, शाखा संचालन, सदस्यता विस्तार और प्रभावी नेतृत्व से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन माण्डोत द्वारा ध्वजारोहण, सामूहिक संघगान एवं श्रावक निष्ठा पत्र के वाचन के साथ हुआ। तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप) कांदिवली द्वारा विजय गीत प्रस्तुत किया गया।
तेयुप कांदिवली के अध्यक्ष आशीष श्रीश्रीमाल ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के मंत्री जगदीश परमार ने अतिथियों का स्वागत किया। शासनश्री साध्वी विद्यावती जी ने युवाओं को अपने दायित्वों के प्रति सजग और निष्ठावान रहते हुए समाज एवं संगठन के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी। साध्वी प्रीयंवदा जी ने सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ चरित्र और कुशल व्यवहार के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। साध्वी प्रेरणाश्री जी, साध्वी मृदुयशा जी और डॉ. साध्वी ऋद्धियशा जी ने सामूहिक गीतिका प्रस्तुत की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन माण्डोत ने अभातेयुप की भावी योजनाओं और आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन की जानकारी साझा की। महामंत्री सौरभ पटावरी ने शाखा संचालन, सदस्यता एवं संगठनात्मक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया। विभिन्न राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर सहयोगी दानदाताओं और श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन की टीम का अभातेयुप पदाधिकारियों द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय संघीय संस्थाओं के पदाधिकारियों, श्रावक-श्राविकाओं और बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 'किशोर फिएस्टा–इनोवेशन एक्सपो' रहा, जिसमें किशोरों और युवाओं की रचनात्मकता एवं नवाचार को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मयंक धाकड़ ने किया।