आचरण और अनुशासन से ही होगा राष्ट्र का विकास

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केसिंगा।

आचरण और अनुशासन से ही होगा राष्ट्र का विकास

मुनि हिमांशुकुमार जी एवं मुनि हेमंतजी के सान्निध्य में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के वरिष्ठ श्रावकों जीतमल जैन, बिरदी चंद जैन एवं रंगलाल जैन द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर मुनि हिमांशु कुमार जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में स्वतंत्रता के वास्तविक महत्व को समझाते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और राष्ट्र के प्रति समर्पण को समझने का भी अवसर है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने आचरण, अनुशासन, संस्कार एवं कर्मों के माध्यम से राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करते हुए राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों एवं कर्तव्यनिष्ठा को अपनाने का आह्वान किया।