आचार्य प्रवर का उपहार एक वरदान है

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रोहिणी, दिल्ली।

आचार्य प्रवर का उपहार एक वरदान है

युगप्रधान महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या 'शासनश्री' साध्वी सुमन श्री जी के सान्निध्य में युवाचार्य वर्धापना समारोह अति-उल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सभा रोहिणी के अध्यक्ष संजीव जैन ने विभिन्न क्षेत्रों से समागत सभी सभा संस्थाओं के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए युवाचार्य प्रवर की अभिवन्दना करते हुए मंगल कामना की। तेरापन्थ युवक परिषद दिल्ली के अध्यक्ष मनीष महणोत के नेतृत्व में युवा वाहिनी ने सुन्दर गीत की प्रस्तुति दी। 'शासनश्री' सुमन श्री जी ने प्रेरक उद्बोधन देते हुए कहा कि गुरु के पारखी करकमलों से तराशे गये अनमोल हीरे का नाम है- युवा मनीषी विलक्षण व्यक्तित्व के धनी है 'युवाचार्य श्री महावीर कुमार जी' आप आचार-सम्पदा श्रुत सम्पदा और हंस मनीषा के धनी है। तेरापंथ धर्म संघ के मुकुट में दिव्य मणि की तरह युवाचार्य पद पर परमपूज्य आचार्य प्रवर ने आपको प्रतिष्ठित किया है। पुज्य प्रवर आचार्य प्रवर का यह उपहार पूरे धर्म संघ के लिए शुभ भविष्य और वर्धमान पुण्याई का वरदान है। युवाचार्य प्रवर का समर्पण भाव गुरुभक्ति, आचार निष्ठा और विनम्रता भरा व्यवहार चार तीर्थ के लिए स्मरणीय आचरणीय मननीय और प्रशिक्षण की प्रयोगशाला है। यह अखण्ड जोत महावीर गौतम जैसी विरल जोडी की अनुशासना हमें युगों-युगों तक मिलती रहे। आभार ज्ञापन रोहिणी सभा के महामन्त्री पराग जैन ने किया।