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साधना के शिखर पर ज्ञान का दीप
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गांधीनगर के तत्वावधान में परम पूज्य युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के उत्तराधिकारी युवाचार्य श्री महावीर कुमारजी का वर्धापना समारोह साध्वी पावनप्रभाजी ठाणा-4 के सान्निध्य में संपन्न हुआ। अपने मंगल उद्बोधन में साध्वी पावनप्रभाजी ने युवाचार्यश्री के जीवन से विनय, समर्पण, साधना एवं पुरुषार्थ की प्रेरणा ग्रहण करने का संदेश देते हुए सभी को धर्ममय जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में विनय, समर्पण, आज्ञा-निष्ठा और अथक पुरुषार्थ के बल पर वह साधक निरंतर आगे बढ़ता गया और साधना की तलहटी से शिखर तक पहुँचकर आज युवाचार्य पद की गरिमामयी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे है। युवाचार्य श्री महावीर कुमारजी पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त करने वाले प्रथम युवाचार्य हैं।
उनका व्यक्तित्व ज्ञान, साधना, अनुशासन, विनम्रता और नेतृत्व का प्रेरक संगम है। इस अवसर पर युवाचार्यश्री के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का भी उल्लेख किया गया। आपका जन्म 19 जून मूलांक एक,यानी एक नंबर वाला राजा होता हे,दीक्षा 3 मार्च यानी तीन नम्बर वाला गुरु होता है तथा युवाचार्य पद पर मनोनयन 27 जुलाई यानी मूलांक नौ नम्बर होता है। इन तिथियों के आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनके उज्ज्वल व्यक्तित्व और भविष्य की मंगलकामना की। इस अवसर पर साध्वी उन्नतयशाजी ने युवाचार्यश्री के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर श्रद्धामयी भावाभिव्यक्ति प्रस्तुत की । तत्पश्चात साध्वी पावनप्रभाजी, साध्वी आत्मयशाजी, साध्वी उन्नतयशाजी, साध्वी रम्यप्रभाजी द्वारा सामूहिक मंगलगीत का भावपूर्ण संगान किया गया। कार्यक्रम में सभा अध्यक्ष प्रकाश बाबेल ने स्वागत वक्तव्य दिया।
महासभा उपाध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि प्रकाश लोढ़ा तथा अणुविभा उपाध्यक्ष कैलाश बोराणा,अभातेयूप संगठन मंत्री रोहित कोठारी,महासभा सदस्य नवनीत मुथा,तेयुप अध्यक्ष विनोद कोठारी,महिला मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी बोहरा, टीपीएफ अध्यक्ष पुष्पराज चोपड़ा अणुव्रत समिति अध्यक्ष ललित बाबेल .पारमार्थिक शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष बजरंग आदि ने अपनी भावनाएं व्यक्त की। महिला मंडल ने सामूहिक गीतिका का संगान किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा मंत्री सुभाष पोखरणा ने तथा आभार सुरेश मांडोत ने दिया ।