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विद्वता,विनम्रता, विवेकशीलता के पंडित युवाचार्य प्रवर
इरोड। तेरापन्थ धर्म संघ के अधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी सोमयशाजी के सान्निध्य में स्थानीय तेरापन्थ सभा भवन में आयोजित युवाचार्य अभीवन्दना समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साध्वी सोमयशाजी ने कहा 'दसो दिशाएँ गूँज रही धरा बने खुशहाल - जन्म छगनी गोद में महावीर सा लाल' परम पूज्य परम श्रद्धेय गुरुदेव यह दृश्य युवाचार्य नियुक्ति का दृश्य देखने का हम साध्वियो को सौभाग्य मिला। युवाचार्य जी अनेक गुण सुमनो से सजा हुआ है । जैसे विद्वता, विनम्रता, विवेकशीलता आदि गुणों से जीवन पंडित है। जहां शिष्य का समर्पण होता है। गुरु का आशीर्वाद होता है। वहाँ कुछ भी असंभव नहीं होता है। आप धर्म संघ में नये कीर्तिमान रचते हुये निरामय रहे। मंत्र दीक्षा का भी आयोजन हुआ। जिससे संस्कारों से संस्कारित होकर देश,समाज और परिवार का नाम रोशन कर सके। महासभा न्यासी नरेंद्र नखत, सुरेंद्र एवं वीणा ने भी विचार रखे। डॉ. साध्वी सरलयशाजी ने अपने विचार रखे। साध्वी ऋषिप्रभाजी ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया।