रचनाएं
युवाचार्य के मनोनयन का सुन्दर अवसर आया है
युवाचार्य के मनोनयन का, सुन्दर अवसर आया है।
व्यक्त करूँ उल्लास हृदय का, मन मेरा ललचाया है॥
महाप्रभु श्री महाश्रमण ने, दृश्य अनोखा दिखलाया।
योगक्षेम वर्ष में हम सब पर, यह अमृत बरसाया।
विश्व भारती के आँगण में, नव इतिहास रचाया है॥
गण की प्रथम-प्रथम मर्यादा, बनी रहे अक्षुण्ण सदा।
गणपति का महनीय कार्य है, पूर्ण हो गया आज मुदा।
दृश्य निहारा इन आँखों ने, क्षण-क्षण मन पर छाया है॥
करें कामना विजय वरो, पग-पग पर सुरभित सुमन खिले।
जहाँ-जहाँ ये चरण टिके पावन, कण-कण प्रभुवर को अमन मिले।
कोटि-कोटि पुनः बधाई, आनन्द घन उमड़ाया है॥