रचनाएं
गुरु महाश्रमण को नमन करें युवाचार्यवर को नमन करें
गुरु महाश्रमण को नमन करें,
युवाचार्यवर को नमन करें।
मनमोहक जोड़ी अमर रहे, अमर रहे, गुरु…॥
गुरुवर महाश्रमणजी ने वाह-वाह क्या रंग जमाया,
मुख्य मुनि श्री महावीर को उन्नत शिखर चढ़ाया।
इन चरणों का अनुगमन करें, नमन करें, गुरु…॥1॥
रचा नया इतिहास अनूठा धन्य हो गईं आँखें,
हर मन महक उठा श्रद्धा से अपने भीतर झाँके।
वे दुर्लभ घड़ियाँ अमर रहें, नमन करें, गुरु…॥2॥
युवाचार्यवर की विशेषताएँ क्या-क्या बतलाएँ,
बिन्दू में है सिन्धु समाया हम अनुमान लगाएँ।
इनके पीछे हम कदम धरें, नमन करें, गुरु…॥3॥
नये सूर्य की दिव्य रश्मियों से हम पाँव पखारें,
आशा भरी नजर से इस जोड़ी को सभी निहारें।
शासन उपवन में रमण करें, नमन करें, गुरु…॥4॥
लय - जय-जय नारायण-नारायण हरे-हरे