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साधना, अनुशासन, विनम्रता और नेतृत्व का प्रेरक संगम : युवाचार्य प्रवर
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गांधीनगर के तत्वावधान में परम पूज्य युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुयोग्य उत्तराधिकारी युवाचार्य श्री महावीर कुमारजी स्वामी का वर्धापना समारोह साध्वी पावनप्रभाजी ठाणा-4 के सान्निध्य में श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ ।कार्यक्रम के शुभारंभ में साध्वी पावनप्रभाजी ने श्रद्धालुओं को सवा लाख 'उवज्झायाणं' मंत्र जप का सामूहिक जाप करवाया। अपने मंगल उद्बोधन में साध्वी पावनप्रभाजी ने युवाचार्यश्री के जीवन से विनय, समर्पण, साधना एवं पुरुषार्थ की प्रेरणा ग्रहण करने का संदेश देते हुए सभी को धर्ममय जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हुए सर्वप्रथम परम पूज्य आचार्य श्री महाप्रज्ञजी के श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक वंदन अर्पित करते हुए कहा कि उनकी दिव्य प्रेरणा से राजस्थान के छोटे से ग्राम फलसूंड का एक बालक दीक्षित होकर साधना-पथ पर अग्रसर हुआ। परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में विनय, समर्पण, आज्ञा-निष्ठा और अथक पुरुषार्थ के बल पर वह साधक निरंतर आगे बढ़ता गया और साधना की तलहटी से शिखर तक पहुँचकर आज युवाचार्य पद की गरिमामयी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे है। परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी ने समर्पित, विनीत,श्रुत-आराधक,विद्वान एवं पुरुषार्थी संत को उत्तराधिकार सौंपकर भिक्षु शासन को नई दिशा और सुदृढ़ नेतृत्व प्रदान किया है। युवाचार्य श्री महावीर कुमारजी पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त करने वाले प्रथम युवाचार्य हैं। उनका व्यक्तित्व ज्ञान, साधना, अनुशासन, विनम्रता और नेतृत्व का प्रेरक संगम है। इस अवसर पर युवाचार्यश्री के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का भी उल्लेख किया गया। उनका जन्म 19 जून, दीक्षा 3 मार्च तथा युवाचार्य पद पर मनोनयन 27 जुलाई को हुआ। इन तिथियों के आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनके उज्ज्वल व्यक्तित्व और भविष्य के नेतृत्व की मंगलकामना की गई। इस अवसर पर साध्वी उन्नतयशाजी ने युवाचार्यश्री के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर श्रद्धामयी भावाभिव्यक्ति प्रस्तुत की। तत्पश्चात साध्वी पावनप्रभाजी, साध्वी आत्मयशाजी, साध्वी उन्नतयशाजी,साध्वी रम्यप्रभाजी द्वारा सामूहिक मंगलगीत का भावपूर्ण संगान किया गया। कार्यक्रम में सभा अध्यक्ष प्रकाश बाबेल ने स्वागत वक्तव्य दिया। महासभा उपाध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि प्रकाश लोढ़ा तथा अणुविभा उपाध्यक्ष कैलाश बोराणा,अभातेयूप संगठन मंत्री रोहित कोठारी,महासभा सदस्य नवनीत मुथा, तेयुप अध्यक्ष विनोद कोठारी, महिला मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी बोहरा, टीपीएफ अध्यक्ष पुष्पराज चोपड़ा, अणुव्रत समिति अध्यक्ष ललित बाबेल, पारमार्थिक शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष बजरंग जैन ने अपनी भावनाएं व्यक्त की । कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा मंत्री सुभाष पोखरणा ने तथा आभार सुरेश मांडोत ने दिया।