‘संकल्प से सिद्धि’ तक: प्रेरणा, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त महापर्व

गुरुवाणी/ केन्द्र

लाडनूँ।

‘संकल्प से सिद्धि’ तक: प्रेरणा, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त महापर्व

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित 22वाँ राष्ट्रीय कन्या मंडल अधिवेशन ‘संकल्प’ 24 से 26 जुलाई 2026 तक जैन विश्व भारती, लाडनूँ में परमपूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के मंगल सान्निध्य में गरिमापूर्ण एवं प्रेरणामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। देशभर के लगभग 131 क्षेत्रों से 970 कन्याओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस अधिवेशन को युवा चेतना, संस्कार और संगठनात्मक एकता का अद्भुत संगम बना दिया। तीन दिवसीय अधिवेशन का शुभारंभ 'निराशाओं के अंधेरों में – प्रेरणा के उजाले' विषयक प्रथम सत्र से हुआ। पूज्यप्रवर ने प्रेरक प्रश्नोत्तर के माध्यम से कन्याओं को ज्ञान, प्रतिभा एवं भाषा-कौशल के विकास, नवकार मंत्र जप, ‘ॐ भिक्षु’ स्मरण, सामायिक, शुद्ध आचार-व्यवहार जैसे जीवनोपयोगी संकल्पों को अपनाने की प्रेरणा प्रदान की। साध्वीप्रमुखा श्रीजी ने PPP Principle (Patience, Persistence एवं Positive Thinking) के माध्यम से संकल्प को सफलता का प्रथम आधार बताया।
प्रथम दिवस के द्वितीय सत्र 'संकल्प से सफलता की ओर' में मोटिवेटर सुनीता जैन एवं डॉ. सारिका गिरिया ने जीवन-मूल्यों, व्यक्तित्व विकास, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा जिम्मेदार निर्णय क्षमता पर प्रभावी मार्गदर्शन दिया। द्वितीय दिवस का प्रारंभ अनुशासन, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण भव्य कन्या रैली से हुआ। इसी अवसर पर चारों क्षेत्रों द्वारा पंच महाव्रतों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका आचार्यप्रवर ने अवलोकन कर जैन जीवन-दर्शन के व्यावहारिक मूल्यों की सराहना की। द्वितीय दिवस के विभिन्न सत्रों में 'संकल्प से सितारे बदल जाते हैं' के अंतर्गत आयोजित संकल्प संसद में संयुक्त परिवार, अंतरजातीय विवाह, नशामुक्ति, गृहकार्य एवं तेरापंथी पहचान जैसे समसामयिक विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। 'संकल्प से सजे संस्कार' में देशभर की कन्या मंडलों द्वारा प्रस्तुत प्रेरक नाट्य प्रस्तुतियों ने सामाजिक एवं पारिवारिक मूल्यों का प्रभावी संदेश दिया, जबकि 'सम्मान समारोह – संकल्प से जीत' में वर्षभर की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। दिन का समापन 'संकल्प से आत्मशुद्धि' सत्र से हुआ, जिसमें सामूहिक सामायिक, जाप, ‘तेरापंथ प्रबोध’ संगान एवं पॉडकास्ट के माध्यम से आत्मचिंतन, आध्यात्मिक जागृति एवं आत्मपरिष्कार का संदेश दिया गया। तृतीय दिवस के प्रथम सत्र 'संकल्प से सजगता' में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, महिला अधिकार एवं कानूनी जागरूकता जैसे विषयों पर अत्यंत उपयोगी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
समापन सत्र 'संकल्प से सिद्धि' में परमपूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी ने कन्याओं को नशामुक्ति, ईमानदारी, अहिंसा, निर्भीकता एवं शांति जैसे जीवन-मूल्यों को अपनाने का प्रेरक संदेश दिया तथा महिला मंडल द्वारा कन्याओं में संस्कार निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रीय अध्यक्षा सुमन नाहटा ने संकल्प को जीवन-दर्शन बताते हुए सेवा एवं संस्कार आधारित जीवन जीने का आह्वान किया। राष्ट्रीय कन्या मंडल प्रभारी हेमा जैन ने वर्षभर की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर लगभग 125 कन्याओं ने गुरुदेव के समक्ष आजीवन तेरापंथ परिवार में बने रहने एवं नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प ग्रहण किया।
पूरे अधिवेशन के सफल संचालन में अभातेममं चीफ ट्रस्टी कनक बरमेचा, राष्ट्रीय अध्यक्षा सुमन नाहटा, महामंत्री रचना हिरण, राष्ट्रीय कन्या मंडल प्रभारी हेमा जैन आदि का विशेष श्रम एवं समर्पण रहा।