स्वतंत्र वह है जिसका स्वयं पर आत्म-नियंत्रण है, स्वच्छंद नहीं

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सिरियारी।

स्वतंत्र वह है जिसका स्वयं पर आत्म-नियंत्रण है, स्वच्छंद नहीं

आचार्य श्री भिक्षु समाधि स्थल संस्थान सिरियारी में मुनि सुरेशकुमार 'हरनावां' के सान्निध्य एवं मुनि जितेन्द्रकुमारजी की उपस्थिति में भारत का 80 वां स्वतंत्रता दिवस हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में संस्थान के अध्यक्ष निर्मल श्रीश्रीमाल द्वारा झंडारोहण किया गया। तत्पश्चात् सामूहिक राष्ट्रगान का संगान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित मुनि चैतन्य कुमार 'अमन' ने पदाधिकारियों एवं कर्मचारीगण को सम्बोधित करते हुए कहा- आज भारत का स्वतंत्रता दिवस पूरे भारतवासी बड़े हर्ष उल्लास के साथ मना रहे। पर एक जटिल प्रश्न है क्या भारतवासी वास्तव में स्वतंत्र है। वास्तव में स्वतंत्र वह होता है जिसका स्वयं पर आत्म नियंत्रण होता है। लगता है आज का नागरिक स्वतंत्र नहीं बल्कि स्वच्छंद है अर्थात् अपनी मनमर्जी करने वाला है। मुनि अमन ने कहा-प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र प्रेम, संविधान का व तिरंगे के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। हमारे दिलों में स्वार्थ नहीं परार्थ व परमार्थ का भाव हो। तभी स्वतंत्रता दिवस को मनाना सार्थक होगा। मुनि जितेन्द्रकुमारजी ने उ‌द्बोधन में कहा- संविधान के नियमों की पालना, अनुशासन की राह पर चलना ही वास्तव में स्वतंत्रता है। स्वच्छंद वृत्तियों का त्याग कर तथा कुरूतियों-रूढियों को छोड़कर ही वास्तव में स्वतंत्र बना जा सकता है। अणुव्रत व्यक्ति को सही मायने में स्वतंत्र जीवन जीने की प्रेरणा देता है। नियम बंधन नहीं बल्कि बंधन मुक्ति की ले जाने वाला है। संविधान का पालन तन-मन से करें। इस अवसर पर मुनि सुधांशु कमारजी, मुनि अनुशासन कुमारजी कार्यक्रम का संचालन संस्थान के व्यवस्थापक महावीरसिंह ने किया।