वीर ही महापथ की ओर चरणन्यास करते हैं

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बालोतरा।

वीर ही महापथ की ओर चरणन्यास करते हैं

तेरापंथ भवन के आध्यात्मिक साधना हॉल में प्रोफेसर डॉ. साध्वी मंगलप्रज्ञा जी के सान्निध्य में दीक्षार्थिनी मुमुक्षु बहन सुमन नाहटा एवं उनकी पुत्री दीक्षार्थिनी मुमुक्षु भावना नाहटा का मंगलभावना समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर उपस्थित बालोतरा के विशाल जनसमाज को सम्बोधित करते हुए साध्वी श्रीजी ने कहा-भगवान महावीर ने कहा है - 'पणहा वीरा महावीहिं' यानि जो की वीर होते हैं, वे महापथ की और चरणन्यास करते हैं।.. संचय के महान पंथ 'शूरवीर, साहसी पुरुषार्थी ही दृढ़ संकल्पों की मशाल लेकर बढ़ते हैं आने वाली परिस्थितियों से घबराते नहीं, विघ्नों का सामने करते हुए आगे बढ़ते हैं और लक्ष्य का वरण कर लेते हैं। त्यागी के लिए पगडंडी भी राजमार्ग बन जाता है। इस अवसर पर साध्वी मंगल प्रज्ञा जी ने कहा-तेरापंथ धर्मसंघ में गृहस्थ जीवन से संयमी बनने वाले अनेक व्यक्तियों का विशिष्ट इतिहास है। सुमन और भावना दोनों माँ बेटियों ने संयम के कठिन मार्ग पर चलने का प्रबल संकल्प संजोया है, यह सबके लिए प्रेरणा है। पूर्व संचित पुण्याई और पौरुष से व्यक्ति शाश्वत सुख वाले संयम जीवन प्राप्ति का निर्णय लेता है। परिषद को प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा- वैराग्य दीप जलाने में स्नेह रुपी निमित्त भी प्रशंसनीय है। हर अभिभावक अपनी संतान को जीवन की असलियत से वाकिफ कराए और वैराग्य भाव में निमित्त बने। गुरु चरणों में अपनी संतान को सुपूर्द करें। महिला मंडल की बहनों ने शुभकामना गीत प्रस्तुत किया। दीक्षार्थिनी सुमन नाहटा एवं भावना नाहटा ने आत्मोद्‌‌गार में कहा- हमें सौभाग्य से महाश्रमण जैसे महागुरु और भैक्षव शासन में साधना करने का सुअवसर मिल रहा है। साध्वी मंगला प्रज्ञा जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन हमारे मार्ग को प्रशस्त करेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ.साध्वी चैतन्यप्रभा जी ने किया।