दीक्षा का मूल उद्देश्य आत्म-सुरक्षा और आत्मकल्याण है

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सिकंदराबाद।

दीक्षा का मूल उद्देश्य आत्म-सुरक्षा और आत्मकल्याण है

युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि दीप कुमारजी ठाणा-2 के पावन सान्निध्य में आगामी 20 सितंबर 2026 को लाडनूं में आचार्यश्री महाश्रमणजी से दीक्षा ग्रहण करने जा रही दीक्षार्थिनी बहनों—सुमन नाहटा एवं मुमुक्षु भावना नाहटा (मां-बेटी) का भावपूर्ण अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। मुनि श्री दीप कुमारजी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘दीक्षा’ शब्द कोई नया नहीं है। वैदिक, बौद्ध और जैन परंपराओं में दीक्षा की अपनी विशिष्ट महत्ता रही है। दीक्षा के विभिन्न रूप हो सकते हैं, लेकिन जैन धर्म में दीक्षा का मूल उद्देश्य आत्म-सुरक्षा और आत्मकल्याण है। उन्होंने कहा कि दीक्षा ग्रहण करने वाला व्यक्ति अभय की दिशा में आगे बढ़ता है। आज के भौतिकतापूर्ण युग में,जब चारों ओर भौतिक आकर्षण, राग-रंग और सुख-सुविधाओं की चकाचौंध दिखाई देती है, ऐसे समय में विराग और त्याग का मार्ग स्वीकार करना निश्चित रूप से असाधारण निर्णय है। मुनि श्री ने कहा कि दीक्षा का मार्ग सरल नहीं, बल्कि साधना, संयम और दृढ़ संकल्प का मार्ग है। इस मार्ग पर वही आगे बढ़ सकता है, जिसके भीतर दृढ़ मनोबल, धैर्य, सहिष्णुता और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता हो। दीक्षार्थिनी बहनों के प्रति मंगलकामना व्यक्त करते हुए मुनि श्री ने कहा कि वे गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण रखते हुए उनकी आज्ञा एवं निर्देशों का पालन करें और संयममय जीवन के माध्यम से आत्मा के कल्याण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ें। मुनि काव्य कुमारजी ने दीक्षार्थिनी बहनों के त्याग, वैराग्य एवं दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि दीक्षा केवल बाहरी जीवन-पद्धति में परिवर्तन नहीं, बल्कि भीतर की चेतना को जागृत करने वाली आध्यात्मिक यात्रा है। दीक्षार्थिनी बहन भावना ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि 'दीक्षा बाहर से भीतर की यात्रा है। मैं बाहर से भीतर की ओर गुरुवर की सन्निधि में प्रस्थान कर रही हूँ।' उन्होंने अपने जीवन में दीक्षा की भावना को साकार होने का सौभाग्य बताते हुए इसे आत्मिक शांति एवं आत्मकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। दीक्षार्थिनी सुमन ने कहा कि उनके मन में बचपन से ही दीक्षा की भावना रही है और आज वह भावना साकार होने जा रही है। सिकंदराबाद के अध्यक्ष सुशील संचेती ने सिकंदराबाद की समस्त संस्थाओं की ओर से दीक्षार्थिनी बहनों का अभिनंदन एवं मंगलकामना व्यक्त की।